मौलवी के बयान पर धामी सख्त,बोले-पीछे की सोच और विचारधारा को समझना होगा,सरकार छोड़ेगी नहीं
देहरादून, 28 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर में मदरसों को लेकर दिए गए कथित बयान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस बयान को केवल एक मौलवी का बयान मानकर नहीं देखा जाना चाहिए,बल्कि इसके पीछे की सोच और विचारधारा को भी समझना होगा। उत्तराखंड में कानून और संविधान से ऊपर कोई नहीं है और कानून तोड़ने वालों को सरकार किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर में एक मौलवी द्वारा कथित तौर पर मदरसों पर कार्रवाई होने की स्थिति में कठोर कदम उठाने संबंधी बयान का उल्लेख करते हुए कहा,'मैं उनको कहना चाहता हूं कि वह केवल एक मौलवी नहीं हैं। मौलवी के पीछे एक सोच है और एक विचारधारा है।' उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भाषा और धमकी को सरकार गंभीरता से लेती है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यह पवित्र भूमि है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी सरकार नहीं है जो वोट बैंक के लिए काम करे या तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दे। उन्होंने कहा कि संविधान और कानून की मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'हम उनको कानून के तहत करारा सबक सिखाएंगे।' उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट मत है कि राज्य में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को संविधान और कानून का पालन करना होगा। किसी को भी कानून हाथ में लेने अथवा सरकार को धमकाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस की सरकार होती तो संभव है कि ऐसे अभियान राजनीतिक दबाव या वोट बैंक की राजनीति के कारण रुक जाते, लेकिन भाजपा की सरकार राष्ट्रवादी सोच के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां सभी लोग कानून के अनुसार रहें और किसी को भी अपनी ताकत, पद या धार्मिक पहचान के आधार पर कानून से ऊपर होने का भ्रम न हो। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि सरकार किसी के धरने या दबाव में आने वाली नहीं है। 'हम डरने वाले नहीं हैं। वे धमकी न दें।'उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कानून का शासन है और कानून तोड़ने अथवा कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्हाेंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में कानून का राज काम कर रहा है। सरकार बदल गई है अब। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 'देवभूमि की सरकार' है और प्रदेश की शांति, सुरक्षा, सांस्कृतिक पहचान और कानून-व्यवस्था से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है—तुष्टिकरण नहीं, कानून का राज।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने देवभूमि की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण एवं कठोर निर्णय लिए हैं। उन्होंने यूजीसी और धर्मांतरण के मुद्दे पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड में कानून और व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्ति या वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अवैध कब्जे के खिलाफ है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय