उत्तराखंड के सभी जिलों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित होंगे: धामी
-बाल विज्ञान महोत्सव के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा, 240 बाल वैज्ञानिक ले रहे हिस्सा
बागेश्वर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिलों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने और राज्य की विज्ञान प्रयोगशालाओं को कृत्रिम मेधा (एआई) से जोड़ने की घोषणा की। उन्होंने सभी विकासखंडों में ‘लैब ऑन व्हील्स’ स्थापित करने की दिशा में काम करने और सीमांत जनपद विज्ञान महोत्सव एवं संबंधित कार्यक्रमों के लिए एक करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में आयोजित पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। दो दिवसीय महोत्सव में चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना आवश्यक है। राज्य सरकार विद्यालयों में विज्ञान आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के साथ कृत्रिम मेधा, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे बाल वैज्ञानिकों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं के उत्तर दिए। धामी ने विद्यार्थियों से नए विचारों पर काम करने और सवाल पूछने की प्रवृत्ति बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने को कहा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून में साइंस सिटी और चंपावत में साइंस सेंटर विकसित किया जा रहा है। विज्ञान एवं तकनीक के माध्यम से स्मार्ट कृषि और सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
महोत्सव में विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों कविता हरकोटिया, दीप चंद जोशी, हरिमोहन ऐठाणी और ख्याली दत्त को सम्मानित किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय