सड़क टूटी मिली तो अधिकारी की जवाबदेही होगी तय, एक नवंबर तक पूरे हों पाइपलाइन के काम: धामी

 




-कुंभ-2027 की तैयारियों की हर सप्ताह होगी समीक्षा

-जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें,फील्ड में उतरेंगे अधिकारी

देहरादून, 13 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत में लापरवाही बरतने पर जवाबदेही तय करने की चेतावनी देते हुए कहा कि वह जल्द ही सड़क मार्ग से प्रदेश का दौरा करेंगे। उन्होंने सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत एक नवंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में देर रात तक प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ चार घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में विकास कार्यों, जनसुविधाओं, कानून-व्यवस्था,आगामी त्योहारों की तैयारियों,आपदा प्रबंधन और हरिद्वार कुंभ-2027 सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही,अनावश्यक देरी और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र में जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने और लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में स्थलीय निरीक्षण करने और लंबित मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराने को कहा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। यदि उनके प्रदेश भ्रमण के दौरान कहीं सड़क टूटी मिली या मरम्मत में लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

उन्होंने सीवर और पेयजल पाइपलाइन के अधूरे कार्य एक नवंबर तक पूरे करने तथा खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजारों, आवासीय क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने नगर निकायों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने और कहीं भी कूड़ा जमा नहीं होने देने के निर्देश भी दिए।

राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए धामी ने कहा कि पटवारी और तहसीलदार मामलों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण करें, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। उन्होंने जिला योजना के तहत स्वीकृत कार्य समय पर पूरे करने और धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा।

मुख्यमंत्री ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने और अपात्र प्रविष्टियों के नियमानुसार निस्तारण में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।

पुलिस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए धामी ने निर्देश दिए कि थाने में शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए और संज्ञेय अपराधों में नियमानुसार तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए। उन्होंने अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त और जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जवाबदेही तय करने को कहा।

आगामी नवरात्र और दीपावली के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने बाजारों,मंदिरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और यातायात,पार्किंग और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान में तेजी लाने तथा संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने मसूरी,नैनीताल,हरिद्वार और ऋषिकेश सहित प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के लिए अग्रिम यातायात योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाने तथा हटाए गए अतिक्रमण पर दोबारा कब्जा रोकने के लिए निगरानी करने को कहा।

धामी ने हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सड़क, पुल, घाट, पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य सुविधाओं और पार्किंग से जुड़ी परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन कार्यों की हर सप्ताह समीक्षा करने और कुंभ क्षेत्र में पूर्ण हो चुके कार्यों का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण करने को कहा। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने को कहा। दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों और एएनएम की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य वैन को निर्धारित रोस्टर के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए।

मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने भालू और तेंदुए सहित अन्य वन्यजीवों से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा उपाय मजबूत करने तथा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संबंधित जनपदों के प्रभारी सचिव प्रत्येक 15 दिन में अपने आवंटित जिले का दौरा करें और जनपद और विकासखंड स्तर पर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, जनसुविधाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आयुक्त, दोनों पुलिस परिक्षेत्रों के पुलिस महानिरीक्षक, सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय