सभी विभाग हर क्षण अलर्ट मोड पर रहें, राहत-बचाव में देरी न हो : धामी
देहरादून, 28 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगातार हो रही वर्षा व ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बीच सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में एक क्षण की भी देरी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से प्रदेश में वर्षा की स्थिति, बंद सड़कों, नदियों के जलस्तर, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा लेने और प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
श्री धामी ने वर्षा से बाधित सड़क मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोलने के लिए जेसीबी, पोकलेन, डोजर सहित आवश्यक मशीनरी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही हेली सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए, ताकि दुर्गम एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी वर्षा अथवा भूस्खलन के कारण यदि कहीं विद्युत, पेयजल या संचार सेवाएं बाधित होती हैं तो संबंधित विभाग उनकी तत्काल बहाली सुनिश्चित करें। चारधाम यात्रा सहित अन्य मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए और मार्ग सामान्य होने पर ही आगे भेजा जाए।
इस बीच आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक तथा मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी प्रदेश में वर्षा से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने राज्य एवं जिला स्तर के सभी आपातकालीन परिचालन केंद्रों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने व किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, राहत एवं बचाव कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) से प्रदेशभर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इस बीच आईएमडी, देहरादून ने 29 और 30 जुलाई के लिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 29 जुलाई को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। वहीं 30 जुलाई को बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, टिहरी और नैनीताल में भारी वर्षा का अनुमान है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिला प्रशासन को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रदेशवासियों और चारधाम यात्रियों से मौसम विभाग की चेतावनियों एवं प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
भारी बारिश से उत्तराखंड में 158 सड़कें बंद, तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रभावित
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण मंगलवार शाम तक राज्यभर में कुल 158 सड़कें बंद रहीं। इनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच), तीन राज्य राजमार्ग, दो मुख्य जिला मार्ग, चार अन्य जिला मार्ग तथा 121 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। दिनभर में 221 मार्ग खोले गए, जबकि 158 मार्गों पर यातायात अब भी बाधित है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (एसआरएमडी) की शाम की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक 32 सड़कें टिहरी, 29 चमोली, 25 पिथौरागढ़, 19 देहरादून, 16 बागेश्वर और 13 उत्तरकाशी में बंद हैं। रुद्रप्रयाग में आठ, पौड़ी में छह, अल्मोड़ा में पांच तथा नैनीताल में चार सड़कें अवरुद्ध हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, बंद प्रमुख मार्गों में त्यूणी-चकराता-मसूरी-चंबा-मलेथा राष्ट्रीय राजमार्ग, टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग व ऋषिकेश-धरासू-बरकोट-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। इनके अलावा देहरादून-मसूरी, रायपुर-कद्दूखाल, तिलवाड़ा-सौराखाल-भरदार, सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण और कई ग्रामीण संपर्क मार्ग भी भूस्खलन व मलबा आने से बंद हैं।सड़कों को शीघ्र खोलने के लिए विभिन्न एजेंसियों की 721 मशीनें तैनात की गई हैं और युद्धस्तर पर बहाली कार्य जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय