देश के विभाजन का दर्द कभी भुलाया नहीं जा सकता: मुख्यमंत्री धामी
देहरादून, 13 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन का दर्द कभी भुलाया नहीं जा सकता। विभाजन की विभीषिका इतिहास का काला अध्याय थी, जिसमें लाखों लोगों को अपनी जान गंवाने के साथ ही विस्थापन और अपनों से बिछड़ने का दर्द झेलना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने जारी संदेश में कहा कि 15 अगस्त 1947 को जब देश आजादी का जश्न मना रहा था, उसी समय विभाजन की त्रासदी का दर्द भी भारतवासियों को सहना पड़ा। उन्होंने इसे भारत के इतिहास की बेहद पीड़ादायक घटना बताते हुए कहा कि विभाजन ने सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को गहरी चोट पहुंचाई।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। इसका उद्देश्य विभाजन के दौरान पीड़ा झेलने वाले लोगों, बलिदान देने वालों और अपने परिवारों से बिछड़ने वालों की स्मृतियों को जीवित रखना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिवस आने वाली पीढ़ियों को इतिहास के उस दर्दनाक दौर से परिचित कराने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि देश को स्वतंत्र कराने वाले सेनानियों और विभाजन की यातनाएं झेलने वाले लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी हमें सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और मानवीय मूल्यों को मजबूत बनाए रखने की सीख देती है। देश की भावी पीढ़ी इतिहास की इन घटनाओं को जाने और उनसे सीख ले, यही विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की सार्थकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय