क्षेत्र पंचायत निधि बहाल करने और ब्लॉक प्रमुखों का मानदेय बढ़ाने की तैयारी: मुख्यमंत्री धामी
-प्रमुख संगठन सम्मेलन में मुख्यमंत्री की चार घोषणाएं,आजीविका मिशन की ब्लॉक स्तरीय समिति में शामिल होंगे क्षेत्र पंचायत प्रमुख
देहरादून, 01 नवंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए रविवार को चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने क्षेत्र पंचायत निधि को फिर से शुरू करने और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में वृद्धि के लिए कार्यवाही करने की बात कही। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विकासखंड स्तरीय समिति में क्षेत्र पंचायत प्रमुखों को शामिल करने और ग्रामीण क्षेत्रों को नगरीय क्षेत्रों में शामिल करने से पहले संबंधित ग्राम पंचायतों से विचार-विमर्श करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखण्ड प्रमुख संगठन सम्मेलन-2026 में मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख और पंचायत प्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे स्थानीय समस्याओं और जरूरतों को बेहतर ढंग से समझते हैं। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में उनकी अहम भूमिका है। उनकी समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श कर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से शासन-प्रशासन को सीधे जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
धामी ने कहा कि पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप स्थानीय निकायों की राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके लिए अनुपूरक बजट में 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। पंचायत भवनों से वंचित ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से भवन निर्माण कराने का भी प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गांवों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाए बिना विकसित उत्तराखण्ड का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत वृद्धि दर्ज होने का दावा भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदी अभियान के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों से इन योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और पात्र लाभार्थियों को उनका लाभ दिलाने में सहयोग करने को कहा। उन्होंने पंचायतों को मिलने वाली धनराशि के पारदर्शी उपयोग, विकास कार्यों को समय पर पूरा करने और उनकी गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
सम्मेलन में ब्लॉक प्रमुख संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव कंडारी, महासचिव गणेश चंदोला, ज्योति ग्रोवर, संगठन के संरक्षक हरीश बिष्ट सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए ब्लॉक प्रमुख और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय