उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को सरकार प्रतिबद्ध : धामी
हरिद्वार, 13 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार में ऋषिकुल मैदान में आयोजित “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” के सद्भावना सम्मेलन, बैसाखी महोत्सव 2026 में प्रतिभाग कियाा। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सदैव से ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत पर आधारित रही है, जो पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में देशभर से आए संतों, अतिथियों, माताओं, बहनों, युवाओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना से परिपूर्ण इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” द्वारा समाज में समरसता, सेवा और नैतिक जागरण के लिए किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रेरणादायी हैं। भारत ने सदैव वैश्विक स्तर पर मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश द्वारा ‘एक पृथ्वी-एक परिवार-एक भविष्य’ की भावना को आगे बढ़ाने का उल्लेख करते हुए कहा कि कोरोना काल में अनेक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराना, योग और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाना तथा आपदाओं के समय सहायता प्रदान करना भारत की मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।उन्होंने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने को सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
उन्होंने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर एवं शारदा कॉरिडोर के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ किया जा रहा है।उन्होंने सद्भावना सम्मेलन के रूप में भव्य आयोजन के लिए सतपाल महाराज एवं “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में उपस्थित अनुयायियों को सम्बोधित करते हुए सतपाल महाराज ने कहा कि सत्संग से विवेक जागृत होता है। संतों ने सिखाया है कि परमपिता परमेश्वर एक है और सर्वत्र व्याप्त है। अपने संबोधन में सतपाल महाराज ने पंच परिवर्तन के माध्यम से पांच संकल्प लेने की चर्चा करते हुए सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व का बोध तथा नागरिक कर्तव्यों के पालन की याद दिलाई। उन्होंने कहा हमें सामाजिक समरसता कायम रखने और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करना आवश्यक है। पर्यावरण व जल संरक्षण पर जोर देते हुए प्लास्टिक को नियंत्रित करने का भी आह्वान किया।उन्होंने पंच संकल्प प्रस्तुत करते हुए स्वदेशी को बढ़ावा देने तथा नागरिक कर्तव्यों का पूरी तरह से पालन करने का आह्वान भी किया।
तीन दिवसीय सद्भावना सम्मेलन के शुभारंभ पर मानव सेवा उत्थान समिति परिवार की श्रीमती अमृता रावत, सुयश जी महाराज, विभू जी महाराज, आराध्या, मोहना ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी, शोभाराम प्रजापति, नगर निगम रूड़की की मेयर अनीता अग्रवाल, नगर पालिका शिवालिक नगर के अध्यक्ष राजीव शर्मा,भाजपा जिलाध्यक्ष श्री आशुतोष शर्मा, एससी एसटी आयोग के सदस्य मनोज गौतम, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आये अनुयायी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला