लंबित घोषणाओं पर मुख्यमंत्री धामी सख्त, 20 दिन की समयसीमा तय
देहरादून, 13 अप्रैल (हि. स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में डीडीहाट, गंगोलीहाट, कपकोट और बागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित घोषणाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि लंबित मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि जिन घोषणाओं पर अब तक शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, उन्हें अधिकतम 20 दिनों के भीतर जारी किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मूल मंत्र 'सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि' केवल नारा नहीं, बल्कि कार्यशैली का आधार है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित निर्णय लेते हुए समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर विकास कार्यों को गति दी जाए।
बैठक में वन भूमि स्थानांतरण के मामलों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए, ताकि विकास परियोजनाएं अनावश्यक विलंब का शिकार न हों। साथ ही विभागों के बीच समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के रख-रखाव के लिए संबंधित विभागों की एक उच्चस्तरीय समन्वय समिति का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि यह समिति सड़कों के मेंटिनेंस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुरक्षित और सुगम बना रहेगा।
बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी सड़कों के पैचवर्क कार्य वर्षाकाल से पूर्व अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल अवसंरचना के विकास को भी प्राथमिकता देते हुए कहा कि जिन स्थानों पर खेल मैदानों के लिए भूमि उपलब्ध है, वहां 15 दिनों के भीतर धनराशि जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कनालीछीना–पिपली बगड़ीगांव मोटर मार्ग के चौड़ीकरण में तेजी लाने, कपकोट में विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण और बागेश्वर जिला अस्पताल में आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तय समयसीमा में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय