घर की रसोई से शुरू होगा महिलाओं का कारोबार, क्लाउड किचन का प्रशिक्षण पूरा

 


हरिद्वार, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित छह दिवसीय क्लाउड किचन उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हो गया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के स्पोक सेंटर में आयोजित कार्यक्रम का समापन किया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना और रीप टीम के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण का संचालन आरसेटी ने किया। इसमें महिलाओं को घर की रसोई से कम लागत में खाद्य व्यवसाय शुरू करने और डिजिटल माध्यमों से ग्राहकों तक पहुंच बनाने की जानकारी दी गई।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर खोले हैं। क्लाउड किचन के माध्यम से महिलाएं बिना बड़े रेस्टोरेंट या महंगे व्यावसायिक प्रतिष्ठान के अपना कारोबार शुरू कर सकती हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को पाक-कला का प्रशिक्षण देने के साथ ब्रांडिंग, ऑनलाइन मार्केटिंग और बिक्री के लिए भी सक्षम बनाना है।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को गूगल बिजनेस प्रोफाइल के जरिए अपने व्यवसाय को गूगल सर्च और गूगल मैप्स पर सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया समझाई गई। इसके साथ ही स्विगी और जोमैटो जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण और ऑनबोर्डिंग की जानकारी दी गई। इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप बिजनेस के माध्यम से व्यंजनों का प्रचार करने, ग्राहकों से संपर्क बनाने और ऑनलाइन ऑर्डर प्राप्त करने के तरीके भी बताए गए।

प्रशिक्षण के बाद भी मिलेगा सहयोग

डॉ. मिश्र ने कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी योजना की टीम महिलाओं को उद्यम स्थापित करने में सहयोग करेगी। इसके तहत उद्यम पंजीकरण, बीएमसी तथा आवश्यक खाद्य लाइसेंस सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। इच्छुक महिलाओं को सीसीएल, सीआईएफ और वीओ जैसे उपलब्ध माध्यमों से ऋण एवं वित्तीय संसाधनों तक पहुंच बनाने में भी मदद की जाएगी, ताकि वे अपने प्रशिक्षण को स्वरोजगार और स्थायी आजीविका में बदल सकें।

कार्यक्रम में आरसेटी के निदेशक शिव कुमार, एलडीएम दिनेश कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना से बीपीडीई राव आशकर, इंक्यूबेशन मैनेजर योगेन्द्र सिंह, राव साकीब, गीता सहित प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला