कुंभ मेले की तैयारी व वार्षिक रखरखाव के दृष्टिगत 20 अक्टूबर से 8 नवंबर तक बंद रहेगी ऊपरी गंग नहर

 


हरिद्वार, 17 अक्टूबर (हि.स.)। आगामी कुंभ मेले की तैयारियों और वार्षिक रखरखाव को देखते हुए ऊपरी गंग नहर का संचालन 20 अक्टूबर को मध्यरात्रि से बंद कर दिया जाएगा। सिंचाई विभाग के अनुसार यह नहरबंदी 8 नवंबर की मध्यरात्रि तक जारी रहेगी। इस दौरान नहर की मरम्मत, सफाई और घाटों के निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग हर साल दिवाली और दशहरे के आसपास गंग नहर की वार्षिक बंदी करता है। इस बार कुंभ मेले को देखते हुए यह बंदी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण शर्मा ने बताया कि स्नान पर्वों और कांवड़ मेले के दौरान भारी मात्रा में कचरा, लकड़ियां, पूजन सामग्री और कांवड़ सामग्री नहर में जमा हो जाती है। पानी का प्रवाह रुकने के बाद पूरी नहर से मलबे और गाद की सफाई की जाएगी। इसके साथ ही नहर की दीवारों, पुलों और रेगुलेटरों की मरम्मत भी की जाएगी।

कुंभ मेले के लिए हरिद्वार में गंगा घाटों के विस्तार, नए पुलों और सुरक्षा से जुड़े कई प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। पानी के तेज बहाव में नहर के भीतर निर्माण कार्य संभव नहीं होता। ऐसे में 19 दिन की यह नहरबंदी विभिन्न विभागों के लिए निर्माण कार्य तेज गति से पूरा करने का मौका है। प्रशासन का लक्ष्य तय समय में घाटों के सुदृढ़ीकरण का काम निपटाना है।

नहर बंदी के दौरान तीर्थयात्रियों के गंगा स्नान पर एसडीओ ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। नहरबंदी के बावजूद हरकी पैड़ी पर स्नान के लिए पर्याप्त गंगाजल की उपलब्धता सुनिश्चित रहेगी। ऊपरी गंगा नहर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 15 जनपदों में सिंचाई का मुख्य स्रोत है।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर समेत 7 जिलों के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स को पेयजल आपूर्ति भी इसी नहर से होती है। अधिकारियों के मुताबिक जनता और किसानों को दिक्कत न हो, इसके लिए जलाशयों और ट्रीटमेंट प्लांट्स के स्टोरेज टैंकों को पहले ही पूरी क्षमता से भर लिया गया है। 8 नवंबर की मध्यरात्रि के बाद तय शेड्यूल से नहर में दोबारा पानी छोड़ दिया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला