अमित शाह ने उत्तराखंड के छह बच्चों को मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से किया सम्मानित

 


-पहली बार दिए गए पुरस्कार, प्रत्येक बच्चे को 51 हजार रुपये, पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान

देहरादून, 06 नवंबर (हि.स.)। उत्तराखंड में साहस और सूझबूझ का परिचय देकर दूसरों की जान बचाने वाले छह बच्चों को शुक्रवार को प्रथम मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बच्चों को पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को 51 हजार रुपये की धनराशि भी दी गई।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में पहली बार यह पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। राज्य स्तर पर प्राप्त आवेदनों में से छह बच्चों का चयन किया गया। इनमें चमोली के तीन और चम्पावत, देहरादून और टिहरी गढ़वाल के एक-एक बच्चे शामिल हैं।

चमोली की दिव्या, दीपिका और आरव सिंह को भालू के हमले के दौरान साहस दिखाने के लिए सम्मानित किया गया। 22 दिसंबर 2025 को जीआईसी यूपीएस हरिशंकर के परिसर में भालू ने कक्षा छह के छात्र आरव सिंह पर हमला कर दिया था। इस दौरान कक्षा आठ की छात्रा दिव्या ने आरव को बचाने का प्रयास किया और उसे सुरक्षित विद्यालय तक पहुंचाने में मदद की। वहीं, दीपिका ने तत्काल नौ अन्य विद्यार्थियों को कक्षा सात के कमरे में पहुंचाकर सुरक्षित किया।

चम्पावत की माया को नदी के तेज बहाव में फंसी एक बालिका की जान बचाने के लिए पुरस्कार दिया गया। पांच अगस्त 2025 को भारी बारिश के दौरान नदी में बहने लगी बालिका को माया ने अपनी जान की परवाह किए बिना सुरक्षित बाहर निकाला। इस प्रयास में वह स्वयं भी घायल हो गई थीं।

देहरादून की आराध्या को दो जून 2026 को बादल फटने की घटना के दौरान दिखाई गई सूझबूझ के लिए सम्मानित किया गया। भारी बारिश के कारण मलबा और पानी आने की स्थिति में उन्होंने घर में मौजूद 17 लोगों को तत्काल सतर्क कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उन्होंने तीन वर्षीय बच्ची को भी पानी के तेज बहाव से बचाया।

टिहरी गढ़वाल की श्वेता को सड़क दुर्घटना की आशंका के बीच एक बुजुर्ग की जान बचाने के लिए सम्मानित किया गया। 30 जनवरी 2025 को तेज गति से आ रहे वाहन को देखकर उन्होंने तत्काल बुजुर्ग का हाथ पकड़कर उन्हें सड़क के किनारे सुरक्षित पहुंचाया।

राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार का उद्देश्य असाधारण साहस, संवेदनशीलता और सूझबूझ का परिचय देने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करना तथा उनके कार्यों से अन्य बच्चों को प्रेरित करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय