चेक बाउंस केस : चार महीने के कारावास व छह लाख रुपये के अर्थदंड की सजा

 


हरिद्वार, 22 मई (हि.स.)। चेक बाउंस के बाद उधार ली गई धनराशि वापिस ना लौटाने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट शमशाद अली ने आरोपित को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उसे चार महीने के कारावास व छह लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

भूपतवाला निवासी प्रदीप पाण्डेय ने आरोपित त्रिलोक रतूड़ी निवासी गढ़वाली बस्ती,सहसपुर, देहरादून,हाल पता खड़खड़ी, हरिद्वार के खिलाफ एक चेक बाउंस की शिकायत कोर्ट में दर्ज कराई थी। बताया था कि शिकायतकर्ता व आरोपित की पुरानी जान पहचान थी। आरोपित ने मकान बनाने की बात कहकर शिकायतकर्ता से साढ़े पांच लाख रुपये उधार लिए थे,और अपने बैंक खाते का एक चेक हस्ताक्षर करके शिकायतकर्ता को दिया था। तय अवधि बीतने पर उक्त चेक को भुगतान के लिए बैंक में जमा कराया तो बैंक ने खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के नोट के साथ चेक वापस लौटा दिया था। कानूनी नोटिस भिजवाने के बाद भी आरोपित ने उधार ली गई रकम वापस नहीं की,तब शिकायतकर्ता ने कोर्ट की शरण ली थी।कोर्ट ने त्रिलोक रतूड़ी को चार महीने के कारावास व छह लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस राशि में से पांच लाख,95 हजार रुपये शिकायतकर्ता को बतौर प्रतिकर राशि अदा करने व शेष पांच हजार रुपये सरकारी खजाने में जमा करने के आदेश दिए गए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला