चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वच्छ व शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू किया अभियान
-हरित यात्रा थीम के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान शुरू
देहरादून, 20 अप्रैल (हि.स.)। चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को स्वच्छ और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने यात्रा मार्ग पर क्विक रिस्पांस टीमों और मोबाइल फूड सेफ्टी वैन की तैनाती की है, ताकि खाद्य गुणवत्ता की नियमित जांच और शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘हरित चारधाम यात्रा’ विजन के तहत विभाग की ओर से यात्रा मार्ग के प्रमुख शहरों में होटल और खाद्य कारोबारियों के साथ प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। रोटेशन के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। राज्य के खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त सचिन कुर्वे के निर्देश पर अब तक उत्तरकाशी, श्रीनगर, देवप्रयाग, चंबा, रुद्रप्रयाग सहित विभिन्न स्थानों पर 250 से अधिक कारोबारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस दौरान स्वच्छता,मिलावट रहित भोजन और स्वास्थ्य के अनुरूप खानपान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उपायुक्त गणेश कंडवाल ने बताया कि प्रशिक्षण में होटल संचालकों सेे भोजन में तेल, नमक और चीनी का सीमित उपयोग करने की अपील की गई है, जिससे मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित यात्रियों को सुविधा मिल सके। साथ ही ‘ईट राइट’ अभियान के तहत खाद्य तेल के पुनः उपयोग को सीमित कर उसे बायोफ्यूल के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य तीर्थयात्रियों को शुद्ध भोजन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है, साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करते हुए ‘रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल’ के सिद्धांत को बढ़ावा देना है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय