पारंपरिक जल स्रोतों को बचाने के लिए जनकांडे में सफाई अभियान

 


चंपावत, 21 सितंबर (हि.स.)। जनपद के पाटी विकासखंड में स्थित जनकांडे गांव के पौराणिक पैरी नौले में सोमवार को जल स्रोत संरक्षण और स्वच्छता को लेकर अभियान चलाया गया। स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी की टीम, स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से नौले तथा आसपास के क्षेत्र की सफाई की।

अभियान के दौरान नौले के आसपास जमा प्लास्टिक और अन्य कचरे को हटाया गया। अधिकारियों के अनुसार सफाई के दौरान करीब पांच किलोग्राम प्लास्टिक कचरा और एक कुंतल गीला कचरा एकत्र किया गया। एकत्रित कचरे का निस्तारण ग्राम पंचायत स्तर पर किया गया।

इस दौरान ग्रामीणों को पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी गई। लोगों से नौलों, धारों और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों के आसपास कूड़ा नहीं डालने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने की अपील की गई।

कार्यक्रम में जल स्रोतों की स्वच्छता के साथ उनके दीर्घकालिक संरक्षण पर भी चर्चा हुई। पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोतों की उपयोगिता को देखते हुए नियमित सफाई, स्रोतों के आसपास संरक्षण कार्य और स्थानीय लोगों की भागीदारी को जरूरी बताया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि पैरी नौला लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत रहा है। ऐसे स्रोतों को केवल सफाई अभियान तक सीमित रखने के बजाय नियमित देखरेख और संरक्षण की व्यवस्था किए जाने की जरूरत है।

अभियान में ग्राम प्रधान ईश्वरी देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य किरन मेहरा, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रामीण, पाटी विकासखंड के कार्मिक और टीम के सदस्य मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी