देवीधार में महोत्सव का शुभारंभ, कलश यात्रा और शोभायात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

 




चम्पावत(लोहाघाट), 25 जुलाई (हि.स.)। आषाढ़ी पूर्णिमा के उपलक्ष्य में पौराणिक एवं आध्यात्मिक महत्व की स्थली देवीधार में शनिवार को 27वें देवी महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया। क्षेत्रीय विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं, महिला-पुरुषों और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा तथा विभिन्न गांवों की झांकियां और शोभायात्राएं आकर्षण का केंद्र रहीं।

देवीधार में आयोजित यह महोत्सव धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने, क्षेत्र की प्राचीन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन तथा लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। ग्राम सभा कलीगांव, डैसली, रायनगर, भुमलाई, कोयाटी, कनेड़ी, गंगनौला, खतेड़ा, गोरखा नगर तथा लोहाघाट क्षेत्र के लोगों के सहयोग से आयोजित यह पांच दिवसीय महोत्सव 29 जुलाई तक चलेगा।

महोत्सव के प्रथम दिवस प्रातः शिवालय मंदिर से विशेष पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके बाद डैसली, कलीगांव, रायनगर चौड़ी और गोरखा नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु देवीधार पहुंचे। अपराह्न में निकाली गई भव्य शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने मां भगवती के जयकारों के साथ क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

इस अवसर पर विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने कहा कि देवीधार क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान देते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

आयोजन समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता ने कहा कि देवीधार का ऐतिहासिक मेला सदियों से क्षेत्र की लोक आस्था का केंद्र रहा है। देवी महोत्सव के माध्यम से इस परंपरा को सहेजने और इसे व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिवराज सिंह विष्ट, उपाध्यक्ष शेखर गोरखा, कोषाध्यक्ष कैलाश सिंह मेहता, उपकोषाध्यक्ष नीरज देउपा तथा महासचिव प्रकाश चंद राय ने बताया कि महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

समिति के अनुसार 26 जुलाई को शैक्षिक मेले के अंतर्गत कैरम, सामान्य ज्ञान, फुटबॉल, कुमाऊंनी काव्य पाठ, महिलाओं की कुर्सी दौड़ एवं घड़ा फोड़ प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। 27 जुलाई को चित्रकला, निबंध और खेल प्रतियोगिताओं के साथ सूचना विभाग चम्पावत एवं संस्कृति विभाग उत्तराखंड के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। 28 जुलाई को विभिन्न प्रतियोगिताओं के फाइनल, पुरस्कार वितरण और देवी जागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

महोत्सव का समापन 29 जुलाई को विशाल मेले के साथ होगा। इस अवसर पर कलीगांव, डैसली, रायनगर चौड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से देवी डोले और देवी रथ देवीधार पहुंचेंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां भगवती के दर्शन और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

महोत्सव के दौरान आयोजन समिति ने नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सशक्त बनाने का आह्वान किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी