7दक्षता आधारित आकलन, चम्पावत में 46 सौ विद्यार्थी होंगे शामिल
चंपावत, 03 सितंबर (हि.स.)। जिले के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के अधिगम स्तर और विषयवार दक्षताओं का आकलन करने के लिए 7 सितंबर को दक्षता आधारित मूल्यांकन कराया जाएगा। सचिव विद्यालयी शिक्षा के निर्देश पर होने वाले इस आकलन में कक्षा 2, 5 और 8 के करीब 4600 विद्यार्थी शामिल होंगे। मूल्यांकन का उद्देश्य विद्यार्थियों की वास्तविक सीखने की स्थिति की पहचान कर कमजोर दक्षताओं में सुधार के लिए प्रभावी उपचारात्मक शिक्षण सुनिश्चित करना है।
शिक्षा विभाग के अनुसार आकलन सुबह नौ बजे से शुरू होगा और इसकी अवधि 60 मिनट निर्धारित की गई है। इसमें कक्षा 2 के लगभग 600, कक्षा 5 के 1750 और कक्षा 8 के करीब 2250 विद्यार्थी शामिल होंगे।
कक्षा 2 में भाषा एवं गणित, कक्षा 5 में भाषा, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन तथा कक्षा 8 में भाषा, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रश्नपत्र में मुख्य रूप से वस्तुनिष्ठ और पठन-बोध आधारित प्रश्न शामिल होंगे, ताकि विद्यार्थियों की विषयगत समझ और अपेक्षित दक्षताओं का आकलन किया जा सके।
आकलन के बाद विद्यार्थियों के परिणामों का दक्षतावार और विषयवार विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर कमजोर दक्षताओं वाले विद्यार्थियों के लिए 7 से 28 सितंबर तक उपचारात्मक शिक्षण कराया जाएगा। इसके बाद 28 सितंबर को प्रस्तावित मध्यावधि आकलन के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।
आकलन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य दिनेश सिंह खेतवाल को संयुक्त जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक विकासखंड में खंड शिक्षा अधिकारियों तथा वरिष्ठ डायट संकाय सदस्यों को नोडल एवं सह-नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीआरपी और सीआरपी भी कार्यक्रम के संचालन एवं निगरानी में सहयोग करेंगे।
शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों, एसएमसी, पीटीए और समुदाय से सहयोग की अपील की है। विभाग ने विद्यार्थियों की अधिगम उपलब्धि में न्यूनतम 10 प्रतिशत सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी