केंद्रीय दवा भंडार में गुणवत्ता जांच, रिकॉर्ड और भंडारण व्यवस्था की पड़ताल

 


चम्पावत, 05 अगस्त (हि.स.)। आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने केंद्रीय औषधि भंडार चम्पावत का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दवाओं के भंडारण, गुणवत्ता नियंत्रण और रिकॉर्ड व्यवस्था की गहन जांच की गई तथा गुणवत्ता परीक्षण के लिए आठ दवाओं के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए।

अपर आयुक्त औषधि नियंत्रक, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड तथा जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत औषधि निरीक्षक हर्षिता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित केंद्रीय औषधि भंडार का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान दवाओं के रखरखाव, निर्धारित तापमान पर भंडारण, ई-औषधि सॉफ्टवेयर के संचालन और क्रय संबंधी अभिलेखों की जांच की गई। इसके साथ ही मनःप्रभावी (साइकोट्रॉपिक) दवाओं के पृथक भंडारण और उनके रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया। तापमान एवं आर्द्रता नियंत्रण प्रणाली की कार्यशीलता का भी परीक्षण किया गया ताकि तापमान-संवेदनशील दवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।

औषधि निरीक्षक ने एक्सपायर दवाओं को मुख्य स्टॉक से अलग रखने और उनके नियमानुसार निस्तारण के निर्देश दिए। जांच के दौरान अधिकांश दवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संग्रहित पाई गईं तथा उनके वितरण संबंधी अभिलेख भी सुव्यवस्थित मिले।

गुणवत्ता परीक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आठ औषधियों के नमूने एकत्र कर राजकीय विश्लेषणशाला भेजे गए हैं। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान स्टोर प्रभारी को परिसर में स्वच्छता बनाए रखने तथा किसी भी औषधि की गुणवत्ता पर संदेह होने की स्थिति में तत्काल औषधि नियंत्रण विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर मुख्य फार्मेसी अधिकारी मनोज कुमार टम्टा, फार्मेसी अधिकारी प्रेम टम्टा तथा सहायक खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन दिनेश फर्त्याल उपस्थित रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी