दुष्कर्म का प्रयास करने के वाले पिता को 10 वर्ष की कैद
हरिद्वार, 09 जून (हि.स.)। नौ वर्षीय पुत्री के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश करना और विरोध करने पर पत्नी को गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट व एडीजे चंद्रमणि राय ने आरोपित पिता को दोषी करार दिया है। विशेष कोर्ट ने दोषी पिता को 10 वर्ष की कठोर कैद व 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान ने बताया कि श्यामपुर क्षेत्र में एक नाबालिग का अपने घर पर मानसिक व शारीरिक शोषण किया जा रहा था। पीड़ित लड़की ने फैक्ट्री से लौटी अपनी माता को सारी आपबीती बताई थी, कि पिता गलत नीयत से छेड़खानी व अपने और पीड़िता के कपड़े उतारकर बलात्कार करने की कोशिश करते हैं। इसके बाद माता ने विरोध किया तो पति ने उसके साथ मारपीट की थी।
माता के अनुसार एक रात को पिता पीड़िता के बिस्तर पर आया और बलात्कार करने की कोशिश करने लगा। शोर सुनकर उठी माता ने बड़ी मुश्किल से लड़की को पिता के चंगुल से बचाया था। यही नहीं, विरोध करने पर शिकायतकर्ता पत्नी के साथ मारपीट, गाली गलौज व जान से मारने की धमकी दी गयी थी। पीड़िता की माता ने 7 अक्टूबर 2022 को इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपित पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोर्ट ने आरोपी पिता को 10 वर्ष की कठोर कैद 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला