आईआईटी रुड़की ने की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कार्बन क्रेडिट की पहल

 


हरिद्वार, 27 मार्च (हि.स.)। जलवायु-संवेदनशील कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर सतत कृषि एवं कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम शुरू करने की पहल की है। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग द्वारा अनुमोदित यह परियोजना सहारनपुर मंडल के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों में लागू की जाएगी।

कार्यक्रम का उद्देश्य पुनर्योजी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, मृदा स्वास्थ्य में वैज्ञानिक सुधार करना तथा कार्बन अवशोषण के मापन और सत्यापन की सुदृढ़ प्रणाली विकसित करना है। इसके माध्यम से किसानों को उभरते कार्बन बाजारों तक पहुंच और अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकेंगे।

नोडल अधिकारी प्रो. ए. एस. मौर्य ने कहा कि यह पहल वैज्ञानिक कृषि को कार्बन बाजार तंत्र से जोड़कर उत्पादकता और आय दोनों बढ़ाने की क्षमता रखती है। वहीं, निदेशक प्रो. के. के. पंत ने इसे सतत एवं प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

डिजिटल मॉनिटरिंग, फील्ड डेटा संग्रहण और पारदर्शी कार्बन लेखांकन मानकों के अनुरूप यह योजना आगामी फसल सत्र से लागू की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला