कैप्टन अजय की रिहाई को कार्मिक एकता मंच ने उठाई आवाज पत्र

 


हल्द्वानी , 29 जून (हि.स.)। रूस से क्रूड आयल लेकर गुजरात आ रहे उत्तराखंड रामनगर निवासी मर्चेंट नेवी के कैप्टन अजय पंत को 14 जून को इंग्लिश चैनल पार करते समय ब्रिटिश सशस्त्र बलों द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था। 16 जून को कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।

उत्तराखण्ड कार्मिक एकता मंच के संस्थापक अध्यक्ष रमेश चन्द्र पाण्डे ने बताया कि कैप्टन अजय पंत उत्तराखंड के सपूत हैं। उनके पिता बीसी पंत वर्ष 2020 में उत्तराखंड पेयजल निगम से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। 35 वर्ष तक ईमानदारी से राज्य की सेवा करने वाले ऐसे सरकारी परिवार का बेटा आज विदेशी धरती पर कैद है।

कैप्टन पन्त ने कंपनी के निर्देशों का पालन करते हुए केवल अपना पेशेवर दायित्व निभाया है। उनके वृद्ध पिता बी.सी.पंत, पत्नी रितु पंत व दो बेटियां रामनगर में बेहद परेशान हैं। बेटियां रोज पूछ रही हैं पापा कब आएंगे।

कार्मिक एकता मंच के संस्थापक अध्यक्ष रमेश चन्द्र पाण्डे ने सोमवार को नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि विदेश मंत्रालय के माध्यम से ब्रिटिश सरकार से शीघ्र कूटनीतिक वार्ता कर कैप्टन अजय पंत की रिहाई सुनिश्चित की जाए। उत्तराखंड सरकार के सचिव शैलेश बगोली द्वारा विदेश मंत्रालय को लिखे पत्र पर त्वरित कार्रवाई की जाए व कैप्टन पन्त के परिवार को हर संभव कानूनी व राजनयिक सहायता प्रदान की जाए।

नगर मजिस्ट्रेट ए.पी.बाजपेई ने आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को सम्बोधित ये ज्ञापन शीघ्र ही जिलाधिकारी को प्रेषित कर दिये जायेंगे। पाण्डे ने कहा कि इस संबंध में उत्तराखंड पेयजल पेंशनर्स एसोसिएशन सहित विभिन्न स्तरों से भारत सरकार एवं राज्य सरकार को पत्र भेजकर कैप्टन पन्त की शीघ्र रिहाई की मांग की जाती रही है लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलने से परिवारीजन परेशान हैं । कार्मिक एकता मंच का मानना है कि नया भारत अपने किसी भी सपूत को विदेशी धरती पर अकेला नहीं छोड़ेगा

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता