अखिल भारतीय नौ सैनिक शिविर में कैडेट ने दो स्वर्ण सहित चार पदक जीते
नैनीताल, 15 जुलाई (हि.स.)। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर की एनसीसी नौसेना विंग के कैडेटों ने महाराष्ट्र के लोनावला स्थित आईएनएस शिवाजी में आयोजित अखिल भारतीय नौ सैनिक शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर विश्वविद्यालय तथा उत्तराखंड एनसीसी निदेशालय का गौरव बढ़ाया है। देशभर के विभिन्न एनसीसी निदेशालयों से चयनित 612 कैडेटों के बीच हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा में डीएसबी परिसर के कैडेटों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
एनसीसी अधिकारी प्रो. (लेफ्टिनेंट) रीतेश साह ने बताया कि बीए द्वितीय सेमेस्टर के कैडेट प्रियांशु आर्य ने सीमैनशिप प्रतियोगिता में और बीए द्वितीय सेमेस्टर की कैडेट आरोही चौधरी ने सर्विस सब्जेक्ट परीक्षा में स्वर्ण पदक, बीएससी द्वितीय सेमेस्टर की कैडेट मानवी सनवाल ने सर्विस सब्जेक्ट परीक्षा में रजत पदक तथा आईटीईपी चतुर्थ सेमेस्टर के कैडेट गौरव जनोटी ने क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में कांस्य पदक अर्जित किया है।
उन्होंने बतायाकि शिविर के दौरान कैडेटों ने सर्विस सब्जेक्ट परीक्षा, सीमैनशिप प्रायोगिक, बोट पुलिंग, बोट रिगिंग, फायरिंग, ड्रिल, सेमाफोर, शिप मॉडलिंग तथा हेल्थ एंड हाइजीन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। साथ ही उन्हें देश के विभिन्न राज्यों से आए एनसीसी कैडेटों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी संस्कृति, परंपराओं तथा राष्ट्रीय एकता, नेतृत्व और अनुशासन से जुड़े अनुभव साझा करने का अवसर भी मिला।
शिविर के दौरान कैडेटों ने एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स, आईएनएस शिवाजी के कमांडिंग ऑफिसर कमोडोर एस पार्थिबन, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव व महाराष्ट्र एनसीसी निदेशालय के अपर महानिदेशक मेजर जनरल विवेक त्यागी से भेंट कर उनका मार्गदर्शन भी प्राप्त किया।
इस उपलब्धि पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान रावत, 5 यूके नेवल यूनिट एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन मृदुल शाह, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कमांडर राकेश रावत, डीएसबी परिसर की निदेशक प्रो. नीता बोरा शर्मा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. संजय पंत, कुलानुशासक प्रो. एचसीएस बिष्ट, प्रो. ललित तिवारी, कुलसचिव डॉ. एमएस मंद्रवाल, मुख्य प्रशिक्षक अरविंद, प्रशिक्षक सनी, सतीश, अनूप कुमार तथा समस्त एनसीसी कैडेटों ने पदक विजेता कैडेटों को बधाई दी। कुलपति प्रो. रावत ने कहा कि यह उपलब्धि कुमाऊँ विश्वविद्यालय ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड एनसीसी निदेशालय के लिए गर्व का विषय है और इससे अन्य कैडेटों को भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रेरणा मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी