उत्तराखंड कैबिनेट : उपनल कर्मियों को समान काम का समान वेतन, 25 साल के लिए बिजली खरीद को मंजूरी
-धामी कैबिनेट ने सहकारिता नीति-2026, अग्निवीर प्रकोष्ठ, शहीदों की मूर्तियां लगाने और स्वास्थ्य-शहरी विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को दी मंजूरी
देहरादून, 25 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विकास, प्रशासनिक सुधार, स्वास्थ्य, ऊर्जा, शहरी विकास और कार्मिक हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 लागू करने, उपनल कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से समान कार्य के लिए समान वेतन देने, 25 वर्ष के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने और शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी।
सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सहकारिता नीति-2026 का उद्देश्य सहकारी क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक-सक्षम और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाना है। नीति में सहकारी संस्थाओं के सशक्तीकरण के साथ महिला और युवा भागीदारी, रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन, कृषि मूल्य श्रृंखला के विकास तथा पलायन से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास पर विशेष जोर दिया गया है।
कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का निर्णय शामिल है। एक जनवरी 2016 से पहले नियुक्त कर्मियों के संबंध में कार्रवाई पहले से चल रही है। एक जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मियों के लिए कार्रवाई 9 नवंबर 2026 से, जबकि 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कर्मियों के लिए प्रक्रिया एक अप्रैल 2027 से शुरू होगी।
कैबिनेट ने कृत्रिम सेवा व्यवधान के कारण प्रभावित एक जनवरी 2016 से पहले के वर्तमान में कार्यरत उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने पर भी सहमति दी। स्वीकृत पदों से अधिक कार्यरत उपनल कर्मियों को नियुक्ति की तिथि की वरीयता के आधार पर समायोजित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अधिसंख्य पद सृजित करने की व्यवस्था भी की जाएगी।
ऊर्जा सुरक्षा और विश्वसनीय बेस-लोड बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) को अदाणी पावर लिमिटेड से 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली 25 वर्ष के लिए खरीदने की मंजूरी दी गई।
बिजली खरीद का कुल टैरिफ 5.746 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। इसमें 1234 मेगावाट अनुबंधित क्षमता होगी। यूपीसीएल को पावर सप्लाई एग्रीमेंट और अन्य संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने तथा नियामक आयोग से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया है।
राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को लागू करने का निर्णय भी लिया गया। सरकार के अनुसार नई नीति से सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के साथ उन्हें तकनीकी और व्यावसायिक रूप से मजबूत किया जाएगा। नीति में महिला एवं युवा भागीदारी बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादों की मूल्य श्रृंखला विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। पलायन से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास को भी नीति का हिस्सा बनाया गया है।
कैबिनेट ने सरकारी सेवकों के वेतन मैट्रिक्स में संशोधन को मंजूरी दी है। लेवल-13 क के बाद वर्तमान लेवल-15 और लेवल-16 के स्थान पर क्रमश: लेवल-14 और लेवल-15 किया जाएगा। यह व्यवस्था केंद्र सरकार के वेतन मैट्रिक्स के अनुरूप होगी। इसके अलावा हाइब्रिड और सीएनजी वाहनों को मोटरयान कर में मिल रही छूट समाप्त कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सरकार के अनुसार मौजूदा व्यवस्था से राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
स्वास्थ्य क्षेत्र में दवाओं और चिकित्सा सामग्री की खरीद व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य दवाओं, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण और इंप्लांट्स की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद सुनिश्चित करना है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सांख्यिकीय संवर्ग के लिए वर्ष 2026 की नई सेवा नियमावली को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में उपलब्ध 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ जमीन राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) को 99 वर्ष की लीज पर देने की सहमति दी। प्रस्तावित एनसीडीसी शाखा में रोग निगरानी, महामारी जांच और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत किया जाएगा। यहां बीएसएल-3 स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। इसके लिए संविदा के आधार पर छह पद सृजित किए जाएंगे। इनमें एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं।
कैबिनेट ने उत्तराखंड के शहीद सैनिकों के सम्मान में उनकी मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने का निर्णय लिया है। सरकार का उद्देश्य शहीद सैनिकों के बलिदान को सम्मान देना और उनकी स्मृति को स्थानीय स्तर पर संरक्षित करना है।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, रिस्पना नदी के किनारे बसी मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को काठबंगला में बनाए गए 116 आवास आवंटित किए जाएंगे। कैबिनेट ने नगर निगम देहरादून द्वारा चयनित लाभार्थियों को आवास आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
शहरी विकास परियोजनाओं के सुचारू संचालन के लिए यूयूएसडीए के ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके तहत 94 अस्थायी गैर-संवर्गीय पद सृजित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं में कोटद्वार, चम्पावत, टनकपुर, किच्छा, पिथौरागढ़, रुद्रपुर, काशीपुर, सितारगंज और ऋषिकेश में पेयजल, सीवरेज, सड़क, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिवहन सहित अन्य विकास कार्य शामिल हैं।
कैंसर रोगियों के लिए ऋषिकेश में हॉस्पिस केयर सेंटर स्थापित करने के उद्देश्य से अंत्योदय फाउंडेशन के पक्ष में प्रस्तावित गिफ्ट डीड पर 8.87 लाख रुपये की स्टाम्प ड्यूटी से छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने उत्तरांचल विश्वविद्यालय के परिनियम-2026 के प्रख्यापन को भी स्वीकृति प्रदान की है।
कारागार विभाग में उप कारापाल के पदों पर पदोन्नति कोटे में 90 प्रतिशत प्रधान बंदीरक्षक और 10 प्रतिशत महिला बंदीरक्षक का कोटा निर्धारित करने संबंधी संशोधन नियमावली को मंजूरी दी गई।
लोकायुक्त खोजबीन समिति की कार्यप्रणाली तय करने के लिए नियमावली-2026 तथा शहरी आबादी क्षेत्रों के आधुनिक भूमि सर्वेक्षण और अभिलेखों के लिए उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 को भी मंजूरी मिली।
उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के 22 तृतीय श्रेणी और 63 चतुर्थ श्रेणी, यानी कुल 85 कार्मिकों को ऊधमसिंहनगर तथा निकटवर्ती जिलों के विभिन्न विभागों में सेवा स्थानांतरण के आधार पर भेजने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। यह व्यवस्था अधिकतम 10 वर्ष या सेवानिवृत्ति से तीन माह पहले तक, जो पहले हो, लागू रहेगी।
इस कैबिनेट बैठक में कार्मिक हित, ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, शहरी विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े फैसलों को विशेष प्राथमिकता दी गई। इनमें उपनल कर्मियों के लिए समान कार्य के समान वेतन की चरणबद्ध व्यवस्था और दीर्घकालिक बिजली खरीद को प्रमुख निर्णय माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय