कार्य मंत्रणा समिति ने तय किया दो दिन का एजेंडा, पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पेश होगा बजट

 




भराड़ीसैंण, 02 मार्च (हि. स.)। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र को लेकर गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सत्र के प्रारंभिक दो दिनों का एजेंडा निर्धारित कर दिया गया है। सोमवार से गैरसैंण में शुरू हो रहे उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र से पहले कार्य मंत्रणा समिति की हुई बैठक में कांग्रेस के दोनों सदस्यों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई है।

भराड़ीसैंण पहुंचने पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी ने राज्यपाल का स्वागत किया। जारी कार्यक्रम के अनुसार 9 मार्च, सोमवार को प्रातः 11 बजे माननीय राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके उपरांत दोपहर 2 बजे अध्यक्ष द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण का पाठ किया जाएगा। वहीं अपराह्न 3 बजे वित्तीय वर्ष 2026–27 हेतु आय-व्ययक (बजट) का प्रस्तुतिकरण सदन के पटल पर रखा जाएगा।

10 मार्च, मंगलवार को अध्यादेशों को सदन के पटल पर रखा जाएगा। साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का प्रस्तुतिकरण एवं उस पर चर्चा कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त निर्धारित कार्यक्रम के तहत विधायी कार्य भी संपन्न होगा।

विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सत्र की कार्यवाही तय कार्यक्रम के अनुरूप संचालित की जाएगी। बजट सत्र को देखते हुए भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

बैठक ऋतु भूषण खंडूरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक मोहम्मद शहजाद, भाजपा विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ उपस्थित रहे।

बैठक में सत्र के सुचारु संचालन और निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई। बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने बताया कि कार्य मंत्रणा समिति में दो दिन का एजेंडा तय किया गया है और नियमों के तहत सत्र का संचालन करने की मांग बैठक में रखी है।

बैठक से कांग्रेस की दूरी:

सोमवार से गैरसैंण में शुरू हो रहे उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र से पहले कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में कांग्रेस के दोनों सदस्यों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई है। माना जा रहा है कि मुख्य विपक्षी दल की गैरमौजूदगी के चलते सदन की कार्यवाही का एजेंडा तय करने में सत्ता पक्ष का प्रभाव अधिक रहेगा।

सदन की कार्यवाही की रूपरेखा, अवधि और एजेंडा कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में निर्धारित किए जाते हैं। वर्तमान समिति में भाजपा की ओर से संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल, खजानदास और उमेश शर्मा सदस्य हैं, जबकि कांग्रेस की ओर से प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और बसपा के मोहम्मद शहजाद सदस्य के रूप में नामित हैं।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस ने सत्ता पक्ष पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए समिति से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि इस्तीफे स्वीकार नहीं किए गए हैं और संबंधित सदस्य अब भी समिति का हिस्सा हैं। इसके बावजूद रविवार देर रात गैरसैंण में आयोजित बैठक में कांग्रेस के दोनों विधायक शामिल नहीं हुए।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि उन्होंने पूर्व में ही समिति से इस्तीफा दे दिया था और जब उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया जाता तो बैठक में शामिल होने का औचित्य नहीं है। उनका आरोप है कि सत्ता पक्ष पूर्व निर्धारित एजेंडा थोपता है, जिससे विपक्ष की भूमिका सीमित हो जाती है। कांग्रेस की अनुपस्थिति के बीच अब बजट सत्र के एजेंडे और अवधि को लेकर सत्ता पक्ष की रणनीति प्रभावी रहने के आसार हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय