बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब
हरिद्वार, 01 मई (हि.स.)। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर की पौड़ी सहित गंगा के विभिन्न घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां गंगा में पवित्र स्नान कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
गंगा स्नान के पश्चात विभिन्न मंदिरों में देव दर्शन करने के साथ हरिद्वार स्थित नारायणी शिला पर भी पितृ पूजन के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। नारायणी शिला के मुख्य पुजारी पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार हिंदू पंचांग के वैशाख मास की पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इसे बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसी पावन तिथि पर भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था।
यह तिथि हिंदू धर्म के साथ-साथ बौद्ध धर्म में भी अत्यंत पवित्र मानी गई है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में वैसाख पूर्णिमा की तिथि को दान और तप के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इस तिथि पर अगर भगवान विष्णु की पूजा और जल का दान किया जाए तो इससे अक्षय पुण्य और सुख समृद्धि की प्राप्त होती है।
मान्यता है कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होतीहै श्रद्धालुओं की भारीभीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था भी लागू की गई है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
बुद्ध पूर्णिमा स्नान को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 08 जोन और 21 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी लागू किया गया है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और गंगा स्नान के दौरान सावधानी बरतें।बुद्ध पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर हरिद्वार में आस्था, श्रद्धा और सुरक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला