पॉक्सो, साइबर अपराध और नशे के खिलाफ छात्रों को किया जागरूक

 


हरिद्वार, 22 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जागरूकता समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में ओलिविया इंटरनेशनल स्कूल में विधिक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें छात्रों को नशे के दुष्प्रभाव, यातायात नियमों, साइबर अपराध और विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर, समिति के अध्यक्ष एवं हाईकोर्ट अधिवक्ता ललित मिगलानी, सीपीयू इंस्पेक्टर नीरज, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र पवार और राजकुमार राजेश्वरी ने छात्रों से संवाद किया।

अधिवक्ता ललित मिगलानी ने कहा कि शौक के तौर पर शुरू किया गया नशा धीरे-धीरे पूरे परिवार को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए छात्रों को नशे से दूर रहने की अपील की।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन अथवा अमानवीय व्यवहार गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़े दंड का प्रावधान है।

सीपीयू इंस्पेक्टर नीरज ने छात्रों को यातायात संकेतों, रोड साइन और वाहन चलाने के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता के बारे में बताया। उन्होंने बिना लाइसेंस वाहन नहीं चलाने तथा यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।

कार्यक्रम में छात्रों को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और साइबर अपराधों से बचने के उपाय भी बताए गए। वक्ताओं ने अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने और साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत करने की सलाह दी।

स्कूल के प्रधानाचार्य कुरियन एंटनी ने कहा कि जागरूकता ही युवाओं को नशे, अपराध और साइबर खतरों से बचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला