वंदे मातरम् के अपमान पर भड़के महेंद्र भट्ट, कांग्रेस को बताया 'दिमागी नक्सल'

 


देहरादून, 17 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभावना विरोधी सोच में ही ‘दिमागी नक्सल’ पनप सकता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्री अमित शाह ने जमीन से जिस नक्सलवाद का सफाया किया, वह अब विपक्षी नेताओं के दिमाग में जड़ जमाता नजर आ रहा है।

सोमवार को मीडिया में प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि देश आजादी के बाद पहली बार राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का संपूर्ण गायन कर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को जनता की यह खुशी भी हजम नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रगीत का अपमान करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

भट्ट ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति के लिए वंदे मातरम् को सम्मान नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के माध्यम से वंदे मातरम् के पूर्ण गायन को सुनिश्चित कराया और वर्तमान मानसून सत्र में इसके सम्मानपूर्वक गायन के लिए नियम बनाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेतृत्व की आपत्ति इसी कारण सामने आ रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस घटनाक्रम से कांग्रेस की कथित राष्ट्र विरोधी और तुष्टिकरण की नीति एक बार फिर जनता के सामने उजागर हुई है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर जताई गई चिंता पर कांग्रेस की टिप्पणियों को भी राष्ट्र विरोधी सोच का परिणाम बताया। भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के नेता सत्ता में रहते नक्सलवाद को आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते थे, लेकिन उनके शासनकाल में नक्सलवाद का व्यापक प्रभाव रहा।

महेंद्र भटृ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जमीन से मिटाया गया नक्सलवाद अब विपक्षी नेताओं के दिमाग में जड़ जमाने लगा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की लालकिले से दी गई चुनौती के एक दिन बाद ही ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर विपक्षी नेताओं की बयानबाजी सामने आना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पूर्व गृह मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में नक्सली हिंसा में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी, ऐसे में नक्सलवाद को लेकर उनका वर्तमान रुख सवाल खड़े करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय