राष्ट्रवादी राजनीति के पुरोधा थे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: नरेश बंसल

 


देहरादून, 06 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रवादी राजनीति के पुरोधा थे। भाजपा उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्रहित एवं जनसेवा के लिए कार्य कर रही है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बंसल ने कहा कि डॉ. मुखर्जी केवल एक प्रख्यात शिक्षाविद और न्यायविद ही नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी राजनीति के पुरोधा थे। उन्होंने बंगाल को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित किया। भारतीय जनसंघ की स्थापना कर डॉ. मुखर्जी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की जिस विचारधारा को आगे बढ़ाया, उसी का विस्तार आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में दिखाई देता है।

बंसल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान का डॉ. मुखर्जी ने पुरजोर विरोध किया था। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने को उनके संकल्प की पूर्ति की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं डॉ. मुखर्जी के अंत्योदय और राष्ट्रसेवा के विचारों से प्रेरित हैं।

कार्यक्रम में टिहरी सांसद महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल, प्रदेश कार्यालय सचिव जगनमोहन रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय