एसआईआर पर कांग्रेस के आरोपों को भाजपा ने बताया राजनीति, भट्ट बोले- चुनावी हार का नया बहाना

 


देहरादून, 24 सितंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बताते हुए कहा कि एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने के बजाय पार्टी को मतदाताओं की मदद करनी चाहिए।

महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस पहले ईवीएम को चुनावी हार का कारण बताती रही है और अब एसआईआर को लेकर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास घेराव और ज्ञापन देने का समय है, लेकिन मतदाताओं के बीच जाकर उन्हें एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी देने का समय नहीं है।

उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि आयोग में निर्णय से पहले आयुक्तों के बीच विचार-विमर्श होना सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। किसी मुद्दे पर अलग-अलग राय होना संस्थागत कमजोरी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

भट्ट ने पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भी सवाल उठाए और कहा कि इन दावों को राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक व्यवस्थित करना है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में एसआईआर की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत पूरी की गई है। आयोग के अनुसार राज्य में अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को प्रकाशित की जानी थी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी को यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं मिलने या किसी अन्य प्रकार की आपत्ति है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष रखना चाहिए।

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मतदाताओं के लिए एसआईआर सूची में नाम खोजने और मतदाता सूची से संबंधित सेवाएं उपलब्ध हैं।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय