दीप्ति रावत के वक्तव्य से फैला भ्रम, भाजपा पर आरोप न लगाए कांग्रेस : आशा नौटियाल
-महिला उत्पीड़न के मामले सामने आने से आपा खो बैठे हैं कांग्रेस नेता : भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष
देहरादून, 03 नवंबर (हि.स.)। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में हुए जैनी प्रकरण की सीबीआई जांच में पूर्व मंत्री को कथित राहत मिलने के बावजूद पीड़िता को पूर्ण न्याय मिला या नहीं, यह सवाल अब भी बना हुआ है। इस मुद्दे पर कांग्रेस उलझी हुई है। वहीं, पूर्व कैबिनेट मंत्री की पत्नी के सोशल मीडिया पर जारी वीडियो ने जैनी प्रकरण को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए आशा नौटियाल ने कहा कि पूर्व मंत्री की पत्नी दीप्ति रावत ने अपने वक्तव्य में स्वयं को डॉ. हरक सिंह की पत्नी बताया है। उन्होंने दूसरी ओर से किए जा रहे दावों को खोखला बताते हुए इसे उनके निजी जीवन में हस्तक्षेप भी करार दिया है। उनके इस बयान के बाद पत्नी को लेकर कौतूहल और बढ़ गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे पहले भाजपा की ओर से पूर्व मंत्री के पारिवारिक जीवन को लेकर किसी तरह का आक्षेप नहीं किया गया था।
नौटियाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर पूर्व मंत्री की एक करीबी का जमीन विवाद में नाम सामने आने और इसी दौरान पूर्व मंत्री की पत्नी के दावे से स्थिति और उलझ गई है। सोशल मीडिया पर संबंधित महिला की पूर्व मंत्री के साथ तस्वीरें और अन्य जानकारियां भी साझा की गई हैं। इससे पूरे मामले में भ्रम की स्थिति पैदा हुई है।
उन्होंने कहा कि जैनी प्रकरण और पत्नी होने को लेकर किए जा रहे दावों पर विराम लगाने के लिए पूर्व मंत्री को स्वयं वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भाजपा नारी सम्मान को प्राथमिकता देती है और इसी भावना के तहत इस मामले में सवाल उठाए जा रहे हैं।
आशा नौटियाल ने आरोप लगाया कि महिला उत्पीड़न के मुद्दों पर कांग्रेस का दोहरा रवैया सामने आने से उसके नेता बौखला गए हैं। महिला के पक्ष में आवाज उठाने पर कांग्रेस नेता अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस को नसीहत दी कि न्याय की लड़ाई का दावा करने वाली पार्टी को जैनी प्रकरण में पीड़िता को मिले कथित अधूरे न्याय के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि जनता को कांग्रेस के चाल, चरित्र और चेहरे पर विश्वास नहीं है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय