अंकिता प्रकरण पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, सरकार की कार्रवाई का किया बचाव

 


देहरादून, 15 अक्टूबर (हि.स.)। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गुरूवार काे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और प्रदेश प्रवक्ता अनुकृति गुसाईं ने कांग्रेस पर मामले में राजनीतिक लाभ लेने और जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी, विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच और प्रभावी कानूनी पैरवी के जरिए दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई की।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अंकिता प्रकरण को राजनीतिक मुद्दा बना रही है। उन्होंने कहा कि घटना सामने आने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। भट्ट के अनुसार, मामले में विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया गया और अभियोजन की पैरवी के बाद तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

महेंद्र भट्ट ने कहा कि पीड़ित परिवार की मांग पर सरकारी अधिवक्ताओं में बदलाव किया गया और सीबीआई जांच के आदेश दिए गए। उन्होंने बताया कि परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ अंकिता के पिता और भाई को सरकारी नौकरी भी दी गई। उन्होंने कांग्रेस से मामले से संबंधित कोई भी ठोस साक्ष्य होने पर उसे जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने भी कांग्रेस पर अंकिता प्रकरण को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा विषय है। कांग्रेस को धरना-प्रदर्शन के बजाय यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसका उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है या राजनीतिक लाभ हासिल करना।

मंत्री आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने मामले में शुरुआत से कार्रवाई की। उनके अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद महिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई और गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर आरोपपत्र दाखिल किया गया, जिसमें 100 से अधिक गवाहों के बयान तथा वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्य शामिल थे।

मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार की मांग पर सरकारी वकील बदले गए और सीबीआई जांच के लिए कदम उठाए गए। उन्होंने परिवार को आर्थिक सहायता और रोजगार उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया। आर्या ने यह भी कहा कि सरकार ने अंकिता की स्मृति को सम्मान देने के लिए डोभ स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखने की पहल की है।

आर्या ने कांग्रेस नेतृत्व पर एक अन्य मामले में कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के संबंध में सामने आए आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिला सम्मान के मुद्दे पर सभी मामलों में समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अनुकृति गुसाईं ने भी कांग्रेस पर गैरजिम्मेदार राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले में तत्काल कार्रवाई की और पीड़ित परिवार की मांगों को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए। गुसाईं ने कहा कि अंकिता के परिवार को आर्थिक सहायता और रोजगार उपलब्ध कराने के साथ मामले में प्रभावी कानूनी पैरवी की गई।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर नारेबाजी और राजनीतिक बयानबाजी के जरिए जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। गुसाईं ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि किसी के पास मामले से संबंधित ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें संबंधित जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर महिला अपराधों के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि जनता वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में अपना निर्णय देगी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठाती रही है, जबकि भाजपा सरकार की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक करार दे रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय