अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल प्रत्येक अग्निवीर को रोजगार दिलाने का करेगा प्रयास : कोठियाल
देहरादून, 07 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर गठित देश का पहला अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल राज्य के प्रत्येक अग्निवीर को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में समन्वय करेगा। उन्होंने कहा कि दिसंबर और जनवरी में सेना से बाहर आने वाले उत्तराखंड के पहले दो बैचों के लगभग 1,200 अग्निवीरों के पुनर्रोजगार की तैयारी शुरू कर दी गई है।
कर्नल कोठियाल ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि अग्निपथ योजना भारतीय सेना की दीर्घकालिक जरूरतों और व्यापक परीक्षण के बाद लागू की गई है। उन्होंने कहा कि चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीर सेना में बने रहेंगे,जबकि शेष 75 प्रतिशत प्रशिक्षित,अनुशासित और दक्ष मानव संसाधन के रूप में समाज में आएंगे। ऐसे युवाओं को उपयुक्त रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 17 जुलाई को अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल की स्थापना की घोषणा की है।
उन्होंने बताया कि यह सेल मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन कार्य करेगा और इसमें सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी, राज्य सरकार के अनुभवी अधिकारी तथा विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और कॉरपोरेट क्षेत्र के साथ समन्वय स्थापित कर अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।
कोठियाल ने कहा कि सेल अग्निवीरों,रोजगार देने वाली संस्थाओं और सरकार के बीच समन्वय का कार्य करेगा। जो अग्निवीर आगे की पढ़ाई या स्वरोजगार अपनाना चाहेंगे, उन्हें भी आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि भारतीय सेना के अग्निवीरों का पहला बैच 31 दिसंबर और दूसरा बैच 31 जनवरी को सेवा अवधि पूरी करेगा। इन दोनों बैचों में उत्तराखंड के लगभग 1,200 अग्निवीर होंगे। इससे पहले भारतीय नौसेना के अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर को पास आउट होगा, जिनके पुनर्वास की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
कर्नल कोठियाल ने अग्निवीर योजना को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के आरोपों को निराधार, तथ्यहीन और राजनीतिक करार दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित से जुड़े इस विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और लोगों को भ्रमित करने के प्रयास सफल नहीं होंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय