हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ बनाम ‘वेज पुलाव’ विवाद ने पकड़ा तूल, पोस्टर बदलो अभियान शुरू

 


हरिद्वार, 09 जून (हि.स.)। धर्मनगरी हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ और ‘वेज पुलाव’ को लेकर चल रहा विवाद अब सामाजिक अभियान का रूप लेता दिखाई दे रहा है। अखंड परशुराम अखाड़े की पहल पर संत समाज, ब्राह्मण समाज और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से हरिद्वार और कनखल क्षेत्र में दुकानों, ठेलियों तथा रेहड़ी-पटरियों पर लगे ‘वेज बिरयानी’ के पोस्टरों को हटाकर उनकी जगह ‘वेज पुलाव’ के पोस्टर और स्टिकर लगाए।

अभियान का नेतृत्व श्री हिंदू तख्त के प्रदेश अध्यक्ष यश देव कौशिक ने किया। इस दौरान जूना अखाड़े के साधु-संतों, ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि इसका उद्देश्य हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना है।

यश देव कौशिक ने कहा कि धर्मनगरी के मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास बड़ी संख्या में ‘वेज बिरयानी’ नाम से खाद्य सामग्री बेची जा रही थी, जिस पर समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा आपत्ति जताई जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यापारी के व्यवसाय के खिलाफ नहीं, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक भावनाओं और परंपराओं के सम्मान के लिए चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दौरान जूना अखाड़े के संत एवं माया देवी मंदिर के पुजारी भास्करपुरी महाराज ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जहां भी ‘वेज बिरयानी’ शब्द का प्रयोग किया जा रहा है, वहां इसे ‘वेज पुलाव’ से प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए।

अभियान का प्रमुख आकर्षण मुस्लिम समुदाय का समर्थन रहा। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि नौशाद अली ने संतों और ब्राह्मण समाज के साथ अभियान में भाग लेते हुए कहा कि सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान किसी भी नाम या शब्द से अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी समुदाय की भावनाएं किसी शब्द से आहत होती हैं तो संवाद और सहमति के माध्यम से समाधान निकालना बेहतर विकल्प है।

नौशाद अली ने कहा कि देश की गंगा-जमुनी संस्कृति और भाईचारे को मजबूत बनाए रखना सभी समुदायों की जिम्मेदारी है तथा मुस्लिम समाज हमेशा सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक सम्मान के पक्ष में खड़ा रहा है।

अभियान में कुलदीप कृष्ण चौहान, संजय कृष्ण शास्त्री, चंद्र सागर भागवत आचार्य, राहुल पैनुली, कार्तिक भट्ट, सूरज शर्मा, देवेंद्र बिष्ट, हर्ष शर्मा, विक्की शर्मा और बिट्टू चौहान सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला