शिक्षक समाज और देश के अनुकूल विद्यार्थियों को गढ़ें: स्वामी रामदेव
हरिद्वार, 16 सितंबर (हि.स.)। योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि शिक्षक जैसा चाहेंगे, विद्यार्थी भी वैसा ही बनेंगे। ऐसे में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। शिक्षकों को विद्यार्थियों को इस तरह गढ़ना है कि वे समाज और देश के अनुकूल बन सकें। यही एक अच्छे शिक्षक का गुण और धर्म है।
कन्या गुरुकुल, पतंजलि फेज-दो, हरिद्वार में भारतीय शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित छह राज्यों के शिक्षकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि प्रशिक्षण लेकर जा रहे शिक्षक भारतीय परंपरा और आधुनिकता के बेहतरीन समन्वय के साथ नए भारत के निर्माण में योगदान देंगे। इसमें भारतीय शिक्षा बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षक ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करें, जिनमें ज्ञान, संस्कार, कौशल और राष्ट्रभावना का समन्वय हो। उन्होंने शिक्षकों से निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प में शिक्षकों का योगदान अमूल्य होगा।
भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एनपी सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान से शिक्षक शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड अपने निर्धारित मूल्यों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश के कई राज्यों के विद्यालय बोर्ड से संबद्ध हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की जानकारी देने के लिए देश के विभिन्न प्रांतों में लगातार कार्यक्रम किए जा रहे हैं। शिक्षकों के लिए भी नियमित रूप से प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य केवल परीक्षा लेने वाली व्यवस्था बनना नहीं है, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़े।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हवन-पूजन के साथ हुई। दो दिवसीय प्रशिक्षण में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन और शारीरिक शिक्षा विषयों पर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में गणित विषय से सुनील भाटिया और डॉ. अलका कालरा, अंग्रेजी से नीलिमा यादव और डॉ. सीमा भूषण, विज्ञान से डॉ. गीता शुक्ला और सोमा सिंह, सामाजिक विज्ञान से डॉ. प्रफुल्लित बिष्ट और पीके मिश्रा, शारीरिक शिक्षा से डॉ. देवेंद्र यादव और विनीत मेहता तथा पर्यावरण अध्ययन से जीवन माला और कुमुद अनेजा ने विषय विशेषज्ञ एवं संसाधन व्यक्ति के रूप में प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण एवं गुरुकुल शिक्षा की सलाहकार वंदना पांडे भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला