कृष्ण भक्ति में डूबा तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर
हरिद्वार, 25 अगस्त (हि.स.)। कनखल स्थित श्री तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर के 34वें श्रावण मास वार्षिकोत्सव महोत्सव के तहत आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन मंदिर परिसर कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया और कथा व्यास आचार्य दीपक भाई जोशी के मुखारविंद से भागवत कथा के अंतिम प्रसंगों का रसपान किया।
कथा के अंतिम दिन भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, प्रेम और धर्म के संदेशों का वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य दीपक भाई जोशी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाली आध्यात्मिक यात्रा है। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति मनुष्य को अहंकार, मोह और सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर सत्य, प्रेम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा में मिले संदेशों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
श्री तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर के परमाध्यक्ष श्रीमहंत त्रिवेणी दास महाराज ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का पावन पर्व है और इस दौरान श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर रहा। धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में भक्ति, संस्कार और सेवा की भावना को मजबूत करना है।
उन्होंने कथा के सफल आयोजन के लिए श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
कथा के मुख्य यजमान मीना अग्रवाल एवं सत्यप्रकाश अग्रवाल और मिथलेश लवानिया एवं बनवारी लाल लवानिया, मथुरा वाले रहे। कथा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भाग लिया। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।
इस दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और पूरे परिसर में भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और भगवान तिलभाण्डेश्वर महादेव का आशीर्वाद लेकर सुख-समृद्धि की कामना की।
बुधवार को कथा यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ विशाल भंडारे और संत समागम का आयोजन किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला