छठें दिन श्रीमद्भागवत कथा में कृष्ण भक्ति की बही रसधारा, श्रद्धालुओं ने किया कथा का रसपान
हरिद्वार, 24 अगस्त (हि.स.)। कनखल स्थित श्री तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर के 34वें श्रावण मास वार्षिकोत्सव महोत्सव के तहत आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठें दिन मंदिर परिसर में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना रहा। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। कथा व्यास आचार्य दीपक भाई जोशी ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति, धर्म और सदाचार का संदेश दिया।
इस अवसर पर श्री तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर के परमाध्यक्ष श्रीमहंत त्रिवेणी दास महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्ग है। कथा के श्रवण से मनुष्य के भीतर भक्ति, संस्कार और सद्भाव की भावना जागृत होती है। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम का स्मरण और संतों की वाणी का श्रवण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धर्म और सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भक्ति से जुड़े प्रसंगों का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर समय-समय पर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कथा के मुख्य यजमान मीना अग्रवाल एवं सत्यप्रकाश अग्रवाल, मिथलेश लवानिया एवं बनवारी लाल लवानिया, मथुरा वाले रहे। यजमान परिवार की ओर से कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। कथा के समापन पर भगवान की मंगल आरती उतारी गई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से आरती में भाग लेकर विश्व एवं लोक कल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला