फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रही बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार, मददगार भी दबोचा
हरिद्वार, 09 अप्रैल (हि.स.)। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में ज्वालापुर पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम ने सत्यापन अभियान के दौरान एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी भारतीय दस्तावेजों के हरिद्वार में रह रही थी।
मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि 8 अप्रैल को कोतवाली ज्वालापुर पुलिस और अभिसूचना इकाई ने वैष्णवी एन्क्लेव, रामानंद इंस्टीट्यूट के पास से एक संदिग्ध महिला को पकड़ा। पूछताछ में महिला ने अपना नाम स्वीटी बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना असली नाम सहेला बेगम निवासी कुमीला (बांग्लादेश) बताया।
पुलिस जांच में सामने आया कि सहेला बेगम का पति से अलगाव हो गया था और आर्थिक तंगी के कारण वर्ष 2023 में वह सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आए श्यामदास की सलाह पर भारत आ गई। बताया कि भारत में 90 दिन का वीजा खत्म होने के बाद वह दिल्ली में श्यामदास के साथ रहने लगी और बाद में दोनों हरिद्वार आ गए। यहां श्यामदास की मदद से महिला ने फर्जी तरीके से आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट और मैरिज सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज बनवा लिए।
पुलिस ने इस मामले में महिला को शरण देने और फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद करने के आरोपित में छत्तीसगढ़ निवासी श्यामदास को भी हिरासत में ले लिया है। दोनों आरोपितों के खिलाफ कोतवाली ज्वालापुर में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपितों का नाम पता सहेला बेगम पत्नी अमीर हमजा, निवासी कुमीला (बांग्लादेश), उम्र 41 वर्ष व श्यामदास पुत्र छेदी दास, निवासी बिलासपुर (छत्तीसगढ़), उम्र 45 वर्ष बताया गया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से बरामद फर्जी भारतीय दस्तावेज, पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मैरिज सर्टिफिकेट व पैन कार्ड, बांग्लादेशी पासपोर्ट व नेशनल आईडी कार्ड बरामद किया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करते हुए उनका चालान कर दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला