बनभूलपुरा पुनर्वास में गड़बड़ी, जांच में फर्जी आवेदक चिन्हित
नैनीताल, 15 अप्रैल (हि.स.)। हल्द्वानी के बहुचर्चित बनभूलपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चल रही पुनर्वास प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई हैं। डोर-टू-डोर सत्यापन के दौरान ऐसे अनेक आवेदक चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने स्वयं को बेघर दर्शाया, जबकि उनके नाम पर अन्य राज्यों में पक्के मकान पाए गए।
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया है कि बाहरी राज्यों से आकर किराये पर रहने वाले व्यक्तियों ने स्वयं को स्थायी निवासी दिखाकर आवेदन किया। कुछ मामलों में फर्जी निवास प्रमाण पत्र एवं एक ही प्रारूप में भरे गए आवेदन पत्र भी संज्ञान में आए हैं। इस संबंध में जमीयत उलेमा ए हिंद के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से लोगों के आवेदन भरवाने की भी चर्चा है, जिसकी जांच की जा रही है।
नगर आयुक्त पारितोष वर्मा के अनुसार सत्यापन के उपरांत पात्र एवं अपात्र आवेदकों की सूची तैयार कर न्यायालय को प्रस्तुत की जाएगी। अपात्र पाए गए आवेदनों को निरस्त किया जाएगा। वहीं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि आवेदनों की संख्या में असामान्य वृद्धि संदेह उत्पन्न करती है, इसलिए सूक्ष्म स्तर पर जांच कराई जा रही है, जिसमें न्यायिक विभाग के प्रबुद्धजनों की भी सहभागिता सुनिश्चित की गई है।
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने प्रभावित परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना के अंतर्गत आवेदन का अवसर देने आ पात्र परिवारों को अंतरिम आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। अब अंतिम निर्णय सत्यापन रिपोर्ट और न्यायालय के आगामी आदेश पर निर्भर करेगा।
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 21 मार्च से 1 अप्रैल तक आयोजित विशेष शिविरों में लगभग सात हजार आवेदन प्राप्त हुए थे। नगर निगम द्वारा गठित छह टीमें क्षेत्र में निरंतर भौतिक सत्यापन कर रही हैं, जिसमें आय, निवास अवधि और अन्य संपत्ति की स्थिति की जांच की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी