बग्वाल मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, धामी बोले- परंपराओं के संरक्षण को सरकार प्रतिबद्ध
चंपावत, 28 अगस्त (हि.स.)। रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को मां वाराही धाम, देवीधुरा में ऐतिहासिक बग्वाल मेले का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मेले में शामिल होकर मां वाराही की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बग्वाल मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब सनातन संस्कृति और देवभूमि की गौरवशाली परंपराओं के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं राज्य की पहचान हैं और इनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य की लोक आस्था, पारंपरिक मेलों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ इनके विकास को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रदेश के प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान प्राकृतिक सौंदर्य के साथ उसकी प्राचीन धार्मिक परंपराओं, लोक मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत से भी है। सरकार इन परंपराओं को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक मेले धार्मिक आयोजनों के साथ लोक संस्कृति, सामाजिक समरसता और स्थानीय परंपराओं के संरक्षण के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी लाभ मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और उत्तराखंड की गौरवशाली परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचाया जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय