निर्मल संतपुरा में गूंजा आत्मरस कीर्तन, संत समागम में उमड़ी संगत
हरिद्वार, 04 अक्टूबर (हि.स.)। कनखल स्थित निर्मल संतपुरा में महापुरुषों की स्मृति में 23वां आत्मरस कीर्तन दरबार एवं संत समागम आयोजित किया गया। दो दिवसीय धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में संगत ने पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का आशीर्वाद लिया।
शनिवार देर शाम गुरुद्वारे में रागी जत्थों ने शब्द-कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया। दरबार साहिब के हजूरी रागी भाई रविंद्र सिंह रियाज, पोंटा साहिब से भाई जसबीर सिंह और बाबा चमकौर सिंह लोहगढ़ ने शब्द-कीर्तन प्रस्तुत किए। रविवार को स्त्री सत्संग का आयोजन हुआ। इसमें बीबी निरंजन कौर, बीबी सुखविंदर कौर सहित अन्य ने कथा और कीर्तन के माध्यम से संगत को गुरु की शिक्षाओं से जोड़ा।
निर्मल संतपुरा के परमाध्यक्ष संत जगजीत सिंह शास्त्री ने कहा कि जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ गुरु की सेवा करता है, परमात्मा उसे कभी निराश नहीं करते। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने महापुरुषों और माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। सत्संग में जाने से मन को शांति और शीतलता मिलती है तथा जीवन को सही दिशा मिलती है।
समागम में महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, बाबा मोहन सिंह, बाबा तीरथ सिंह, स्वामी गंगादास, स्वामी दिनेश दास, स्वामी प्रहलाद दास, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी राम मुनि, स्वामी योगेन्द्रानंद, स्वामी केशवानंद, संत तरलोचन सिंह, संत मनजीत सिंह, संत बलजिंदर सिंह शास्त्री, बाबा विक्रमजीत सिंह, बाबा मंजीत सिंह, सरबजीत कौर, सुरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला