उत्तराखंड विधानसभा सत्र: अनुपूरक बजट समेत 10 विधेयक पारित, सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

 


भराड़ीसैंण (गैरसैंण), 28 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दूसरे दिन बुधवार को विपक्ष के हंगामे और शोर-शराबे के बीच अनुपूरक बजट समेत कुल 10 विधेयक पारित कर दिए गए। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया था। बुधवार को बजट को पारित कर दिया गया। दूसरे दिन भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित भी हुई।

सत्र के दौरान उत्तराखंड विनियोग (2026-27 का अनुपूरक) विधेयक, उत्तराखंड सिंचाई जल निकासी विधेयक, मुख्यमंत्री उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) (संशोधन) विधेयक तथा उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) द्वितीय विधेयक शामिल हैं। इसके अलावा उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम (संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड सिविल विधि (संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक तथा उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक पारित किए गए। विधेयकों के पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।

सत्र के दौरान उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम (संशोधन) अध्यादेश, 2026 और उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 भी सदन के पटल पर रखे गए।

विधानसभा की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, नियम-300 के तहत कुल 34 सूचनाएं प्राप्त हुईं, जबकि नियम-53 के तहत 17 सूचनाएं मिलीं। इन दोनों नियमों के तहत प्राप्त सूचनाओं में क्रमशः 34 और 17 सूचनाओं को ध्यानाकर्षण के लिए भेजा गया। नियम-58 के तहत सात सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से तीन स्वीकृत की गईं और दो ध्यानाकर्षण के लिए भेजी गईं।

दो दिवसीय सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही कुल आठ घंटे चार मिनट चली। विधानसभा की ओर से जारी कार्यवाही के समय संबंधी विवरण के अनुसार, सत्र के पहले दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शाम 5:58 बजे तक चली, जबकि बुधवार को विभिन्न अवसरों पर कार्यवाही संचालित हुई।

विवरण के अनुसार, 27 अक्टूबर को सदन की कार्यवाही छह घंटे 58 मिनट चली। वहीं, 28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से 11:05 बजे तक, 11:20 बजे से 11:25 बजे तक, दोपहर 12 बजे से 12:05 बजे तक व 12:15 बजे से दोपहर 1:06 बजे तक सदन की कार्यवाही चली।

इस प्रकार, दोनों दिनों में सदन की कार्यवाही का कुल समय आठ घंटे चार मिनट दर्ज किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय