भीमताल मारपीट मामला: आरोपितों की जमानत के खिलाफ निगरानी याचिका
नैनीताल, 8 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र में पिछले माह रेस्टोरेंट के बाहर हुई कथित मारपीट के मामले में राहुल रावत, गौरांग रौतेला और अजय कूल्याल समेत अन्य आरोपितों को निचली अदालत से मिली जमानत के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय, नैनीताल में निगरानी याचिका दायर की गई है।याचिका में 20 जुलाई को निचली अदालत द्वारा पारित आदेश को निरस्त करने और आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत न्यायिक रिमांड स्वीकार किए जाने की मांग की गई है।
याचिका के अनुसार, छह जुलाई की रात भीमताल स्थित एक रेस्टोरेंट के बाहर कुछ लोग कथित तौर पर शराब के नशे में पहुंचे और रेस्टोरेंट खोलने को लेकर विवाद के बाद गाली-गलौज एवं मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि रेस्टोरेंट संचालक के भाई राहुल रैक्वाल के साथ भी मारपीट की गई और उनका वाहन क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना की सूचना पुलिस को आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से दी गई थी।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद घायल पक्ष के परिजन उपचार के लिए भीमताल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में आरोपितों और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने कथित तौर पर वाहन रोककर फिर गाली-गलौज और मारपीट की। याचिका के मुताबिक इस घटना में रमेश किरौला और योगेश किरौला को चोटें आईं। रमेश किरौला को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी और फिर दिल्ली रेफर किए जाने का उल्लेख किया गया है।
निगरानी याचिका में चिकित्सकीय रिपोर्टों का हवाला देते हुए घायलों के सिर, आंख, कान समेत शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आने की बात कही गई है। याचिका के अनुसार, एक घायल के सिर में टांके लगाए गए, जबकि अन्य घायलों का भी उपचार किया गया।
याचिका के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था और पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। बाद में निचली अदालत की कार्यवाही में धारा 109 के तहत रिमांड स्वीकार नहीं किया गया और अन्य धाराओं में रिमांड के बाद आरोपितों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
याचिकाकर्ता ने निचली अदालत के आदेश को कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण बताते हुए उसे चुनौती दी है। याचिका में गवाहों के कथित बयानों और चिकित्सकीय रिपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि आरोपितों ने एकराय होकर हमला किया। इसी आधार पर आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की मांग की गई है। मामले में अदालत की आगामी सुनवाई पर निगाहें रहेंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी