प्रज्ञा आर्ट्स के कलाकारों ने जै जिया नाटक का किया शानदार मंचन

 


पौड़ी गढ़वाल, 08 जून (हि.स.)। प्रेक्षागृह में नवांकुर नाट्य समूह द्वारा आयोजित चार दिवसीय नवांकुर नाटय महोत्सव में प्रज्ञा आर्ट्स के कलाकारों ने जै जिया नाटक की शानदार प्रस्तुति दी। प्रेक्षागृह में आयोजित महोत्सव में प्रज्ञा आर्ट्स के कलाकारों ने जै जिया नाटक का मंचन किया। जै जिया नाटक के माध्यम से एक वीरांगना जो जीवित रहते मां के रूप में और मृत्यु पश्चात देवी रूप में पूजी गई का मंचन किया गया।

नाटक में साउंड व लाइट्स का प्रयोग बेहद प्रभावशाली रहा। इस दौरान प्रज्ञा आर्ट्स के कलाकारों ने बताया कि आज पूरा देश अपनी विरासत को साथ लेकर विकास की और अग्रसर है । हर राज्य अपने वीर योधाओं की कहानी को आज की हमारी युवा पीढ़ी के आगे ला रहा है। आज हमारा युवा इन कहानियों को ना सिर्फ देख रहा है, बल्कि अपने पूर्वजों को जान भी पा रहा है।

कहा कि उत्तराखंड की धरती तो देवभूमि कहलाती है लेकिन हम सभी यह सच्चाई भी जानते हैं की देश के अन्य भागों की तरह, उत्तराखंड की भूमि भी वीरों के इतिहास से भरी हुई है। यहां के पहाड़ आज भी उनकी वीरता का गुरुर लेकर सीना तान खड़े हैं। इसीलिए प्रज्ञा आर्ट्स ने उत्तराखंड के वीर भड़ों को याद करने, उन्हें नमन करने और उनकी गाथाओं को अगली युवा पीढ़ी को सुनाने और देश को उनसे मिलवाने का एक प्रयास शुरू किया है।

नई पीढ़ी को उनका इतिहास बताना होगा। नाटक में लक्ष्मी रावत मुख्य भूमिका में व प्रज्ञा रावत ने बेहतरीन अभिनय किया। राहुल चौहान का प्रकाश संचालन अद्भुत रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह