कुंजापुरी मेले में मशहूर पांडवाज बैंड के कलाकारों ने बांधा समा
नई टिहरी, 16 अक्टूबर (हि.स.)। ऐतिहासिक मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या उत्तराखंड के मशहूर पांडवाज बैंड के नाम रही। बैंड के कलाकारों ने पारंपरिक पहाड़ी संगीत और आधुनिक धुनों की जुगलबंदी से दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया। देर रात तक लोग इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ लेते दिखे।
वीरवार शाम को कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या का कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने शुभारंभ किया। संगीत निर्देशक इशांत डोभाल के नेतृत्व में पांडवाज बैंड के कलाकारों ने राधा, म्योलड़ि, तिलगा, धाना, साम्ळौ, दारी अगास, जीतू बगड़वाल और धुंयाल जैसे पारंपरिक गीतों की प्रस्तुतियां दीं।
पारंपरिक ढोल-दमाऊ के साथ आधुनिक संगीत की धुनों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे। कैबिनेट मंत्री उनियाल ने कहा कि मां कुंजापुरी मेला धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ ही स्थानीय व्यापार एवं रोजगार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
मेले के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति को नई पहचान देने और स्थानीय लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बैंड के कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान संगीत निर्देशक ईशांत डोभाल, मुख्य गायिका अनन्या डोभाल और गायक दीपक रावत ने समा बांध दिया। मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पर्यटकों के पहुंचने से बाजारों में चहल-पहल बनी हुई है।
स्थानीय व्यापारी सुरेंद्र पुंडीर ने कहा कि मेले में बढ़ी भीड़ से दुकानदारों, होटल व्यवसायियों और स्टॉल संचालकों को लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार, सभासद साकेत बिजल्वाण, सचिन भंडारी, विनीता, ममता, आभा, आशा, रवि नेगी, द्वारिका प्रसाद जोशी, महेश गुसाईं मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी