रुड़की में बाढ़ राहत के लिए सेना-प्रशासन का संयुक्त अभ्यास

 




रुड़की, 18 जुलाई (हि.स.)। मानसून और भारी बारिश के मद्देनजर बंगाल इंजीनियर ग्रुप एंड सेंटर(बीईजी), रुड़की ने हरिद्वार के जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के साथ मिलकर बाढ़ राहत और बचाव का संयुक्त अभ्यास किया।

यह अभ्यास बीते रोज अपर गंग नहर के किनारे स्थित 'वेट ब्रिजिंग ट्रेनिंग एरिया' में हुआ।

अभ्यास में डीडीएमओ,हरिद्वार, 40 बटालियन पीएसी, एसडीआरएफ उत्तराखंड, मिलिट्री हॉस्पिटल रुड़की और बीईजी सेंटर के कुल 110 कर्मियों ने हिस्सा लिया। अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना और राहत कार्यों की तैयारियों को परखना था।

कार्यक्रम की शुरुआत में सभी एजेंसियों ने अपनी भूमिका, संसाधनों और आपदा प्रतिक्रिया प्रक्रिया की जानकारी दी। इसके बाद लाइव डेमो में बाढ़ में फंसे व्यक्ति को बचाव नाव से निकालना, सुरक्षित स्थान पर ले जाना और मौके पर बीएलएस , सीपीआर व प्राथमिक उपचार देने का अभ्यास किया गया।

डेमो में समय पर कार्रवाई और संसाधनों के सही इस्तेमाल पर विशेष फोकस रहा। बीईजी सेंटर में ओरिएंटेशन ट्रेनिंग ले रहे सेना के 18 नए अधिकारियों को भी इस अभ्यास में व्यावहारिक अनुभव मिला। उन्हें नागरिक अधिकारियों के साथ मिलकर आपदा बचाव ऑपरेशन चलाने और आपदा प्रबंधन ढांचे को समझने का मौका मिला।

सेना के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल चेतन सिंह कबसूड़ी ने बताया कि इस अभ्यास से आपदा तैयारी मजबूत हुई है और प्राकृतिक आपदा के समय त्वरित व समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला