रेस्टोरेंट के किचन में मिली गंदगी और कॉकरोच-चूहों की सक्रियता
हरिद्वार, 15 सितंबर (हि.स.)। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मंगलवार को नगर निगम हरिद्वार क्षेत्र में आकस्मिक निरीक्षण एवं नमूना संग्रह अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए गए तथा अनियमितता मिलने पर संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड देहरादून विनय शंकर पांडे और जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में यह अभियान सहायक आयुक्तध्अभिहित अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में चलाया गया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम हरिद्वार कैलाश चंद्र टम्टा ने टीम के साथ श्रवणनाथ नगर, शिवमूर्ति चौक, रानीपुर मोड़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया।
अभियान के दौरान एक यात्री की शिकायत के आधार पर श्रवणनाथ नगर, रेलवे रोड स्थित श्री श्याम रेस्टोरेंट का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट के किचन में अत्यधिक गंदगी पाई गई। इसके अलावा परिसर में कॉकरोच और चूहों की सक्रियता भी सामने आई। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की गई। टीम ने रेस्टोरेंट से मसाला डोसा का एक विधिक नमूना भी जांच के लिए लिया।
निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारकर्ता और कार्मिकों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र, पेस्ट कंट्रोल से संबंधित अभिलेख तथा पेयजल की जांच रिपोर्ट भी मौके पर प्रस्तुत नहीं की जा सकी। विभाग ने प्रतिष्ठान में आवश्यक सुधार के लिए खाद्य कारोबारकर्ता को एक सप्ताह का समय दिया है। निर्धारित अवधि में अपेक्षित सुधार नहीं किए जाने पर खाद्य पंजीकरण निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद टीम ने विकास कॉलोनी, ओल्ड रानीपुर मोड़ के निकट स्थित थोक विक्रेता एवं वितरक फर्म भगवती ट्रेडर्स का निरीक्षण किया। यहां संदेह के आधार पर नंद केसरी ब्रांड गाय के घी और गोल्डन क्राउन ब्रांड शहद के विधिक नमूने जांच के लिए लिए गए।
वहीं, रानीपुर मोड़ के पास सूर्या कॉम्प्लेक्स में संचालित बैरागी राजमा चावल रेस्टोरेंट का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। जांच में प्रतिष्ठान का खाद्य पंजीकरण गलत श्रेणी में पाया गया। खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा रेस्टोरेंट के लिए आवश्यक पंजीकरण के बजाय फुटकर विक्रेता श्रेणी का पंजीकरण प्रस्तुत किया गया। इस अनियमितता पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 61 के तहत चालानी कार्रवाई की गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा मानकों और वैध पंजीकरण का पालन सुनिश्चित कराने के लिए इस प्रकार के निरीक्षण एवं नमूना संग्रह अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला