कुमाऊं विश्वविद्यालय में ‘होलिस्टिक हेल्थ एंड वेलनेस’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला प्रारम्भ

 


नैनीताल, 22 मई (हि.स.)। कुमाऊं विश्वविद्यालय के सर जेसी बोस तकनीकी परिसर भीमताल स्थित जैव प्रौद्योगिकी विभाग में पीएम-ऊषा-मेरु योजना के अंतर्गत “होलिस्टिक हेल्थ एंड वेलनेस” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारम्भ शुक्रवार को दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यशाला में विभिन्न विषय विशेषज्ञों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सहभागिता कर समग्र स्वास्थ्य एवं मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

कार्यक्रम की सह-संयोजक प्रो. वीना पांडे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत के मार्गदर्शन एवं प्रयासों के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के बहुआयामी विकास के लिए समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यशाला को निदेशक प्रो. एलके सिंह, प्रो. लता पांडे और उच्च शिक्षा विभाग के पूर्व निदेशक प्रो. केके पांडे ने संबोधित करते हुए समग्र स्वास्थ्य की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रथम सत्र में वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. युवराज पंत ने “मेंटल हेल्थ: ए नेसेसिटी ऑफ द मॉडर्न एरा” विषय पर व्याख्यान देते हुए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और उनके समाधान की जानकारी दी।

वहीं जामनगर गुजरात से आए डॉ. दीपक पांडे ने “इंट्रोडक्शन टू होलिस्टिक हेल्थ” तथा “पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम” विषय पर विस्तृत चर्चा की। कार्यशाला का संचालन डॉ. मंजु तिवारी ने किया। कार्यक्रम में प्रो. अर्चना नेगी साह, प्रो. कुमुद उपाध्याय, डॉ. तीरथ कुमार, डॉ. संतोष उपाध्याय, डॉ. मयंक पांडे, डॉ. रागिनी पंत सहित 150 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी