वनसंरक्षण अधिनियम में संशोधन जरूरी
पौड़ी गढ़वाल, 29 जून (हि.स.)। जिले में लगातार हो रहे मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वनसरंक्षण अधिनियम में संशोधन की मांग उठी है।सामाजिक कार्यकर्ता त्रिलोक सिंह रावत ने प्रधानमंत्री व राष्ट्रीय वन्यजीव सरंक्षण बोर्ड के अध्यक्ष को ज्ञापन भेजकर वनसरंक्षण अधिनियम में संशोधन की मांग की है।
ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि प्रदेश में गुलदार, बाघ, भालू आदि जंगली जानवरों के हमलों में आए दिन लोग जान गंवा रहे है। कहा कि जल्द राष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण बोर्ड की बैठक आयोजित करते हुए लोकसभा में प्रस्ताव लाते हुए मानवों के लिए खतरा बनने वाले जानवरों को अनुसूचि तीन व चार में रखा जाए और ऐसी जानवरों की गणना के लिए राज्यसरकार को आदेश दिए जाए। कहा कि मानवों के लिए खतरा बनने वाले जानवरों की जनसंख्या संतुलन बनाए रखने से अधिक पाए जाने पर ऐसे जानवरों को पकड़कर राष्ट्रीय उद्यान व राष्ट्रीय पार्क में भेजा जाए। उन्होंने जल्द ही इस ओर कडे़ कदम उठाने की मांग की है।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह