टिहरी झील परिक्षेत्र बनेगा स्मार्ट पर्यटन का नया स्वरूपः डीएम
नई टिहरी, 15 सितंबर (हि.स.)। डीएम नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में एडीबी द्वारा सहायतित परियोजना के अंतर्गत टिहरी झील और आसपास के क्षेत्रों के विकास और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित स्मार्ट कंपोनेंट और स्मार्ट लूप के संबंध में अहम बैठक आयोजित की गई। जिसमें टिहरी झील को स्मार्ट पर्यटन का नया स्वरूप देने पर चर्चा हुई।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट में पर्यटन रोड की प्रगति और प्रस्तावित कार्यों, शहर सहित प्रमुख मार्गों पर स्मार्ट सीसीटीवी कैमरे, स्मार्ट पोल, स्मार्ट बस शेल्टर, व्यू प्वाइंट, आईसीसीसी भवन और ई-बस सेवा के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। स्मार्ट बस शेल्टर में यात्रियों के बैठने, प्रकाश व्यवस्था, डिजिटल सूचना डिस्प्ले, सीसीटीवी और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
स्मार्ट पोल में प्रकाश व्यवस्था के साथ सीसीटीवी एवं सूचना संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। वहीं व्यू प्वाइंट को टिहरी झील के प्राकृतिक सौंदर्य को देखने के लिए आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। डीएम नितिका ने कहा कि ई-बस सेवा का लाभ अधिकाधिक स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मिल सके। इसके लिए रूट का निर्धारण प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने मदननेगी मंदिर के सौंदर्यीकरण के संबंध में भी एडीबी अधिकारियों से प्रस्तावित कार्यों की जानकारी ली।
बस स्टेशन क्षेत्र में यातायात व्यवस्था, प्रस्तावित सीसीटीवी कैमरों की स्थिति एवं उनके स्थान, व्यू प्वाइंट सहित अन्य पर्यटन सुविधाओं की भी जानकारी ली। बस स्टेशन पर बसों एवं अन्य वाहनों की आवाजाही से यातायात बाधित न हो इसके लिए उचित यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने संशोधित डीपीआर तैयार करते समय पर्यटकों की सुविधा, स्थानीय आवश्यकताओं, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य में बढ़ने वाली पर्यटन गतिविधियों को ध्यान में रखा जाए। बैठक में पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत, एसएसपी श्वेता चौबे, एडीएम शैलेंद्र नेगी, पर्यटन अधिकारी एसएस राणा आदि मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी