डायट में गणितीय गतिविधियों के लिए शिक्षक संदर्शिका तैयार

 


उत्तरकाशी, 17 अक्टूबर (हि.स.)।प्रारंभिक कक्षाओं में गणित शिक्षण को रुचिकर और दक्षता आधारित बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बड़कोट में पांच दिवसीय जिला संदर्भ समूह गणित कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से पहुंचे 33 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रारंभिक स्तर की गणितीय दक्षताओं पर आधारित गतिविधियों और उनके आकलन के लिए शिक्षक संदर्शिका तैयार करने पर काम किया।

कार्यशाला में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संदर्भदाता कमलेश गौड़ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ-एसई एवं एनसीएफ-एफएस), प्रारंभिक स्तर की दक्षताओं, पाठ्यचर्या लक्ष्यों और सीखने के प्रतिफलों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान शिक्षकों ने दक्षता आधारित विभिन्न गणितीय गतिविधियों का निर्माण किया। प्रस्तावित शिक्षक संदर्शिका के माध्यम से शिक्षकों को प्रारंभिक स्तर की दक्षताओं और पाठ्यचर्या लक्ष्यों को समझने के साथ विद्यार्थियों के लिए गतिविधियों तथा आकलन संबंधी प्रश्न तैयार करने में मदद मिलेगी।

डायट प्राचार्य संजय जोशी ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताते हुए दक्षता आधारित आकलन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों से गणितीय शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम), संपर्क किट और जादुई पिटारा आदि के माध्यम से विद्यालयों में गतिविधियां संचालित करने तथा विद्यार्थियों को गतिविधियों और आकलन संबंधी प्रश्नों का नियमित अभ्यास कराने का आह्वान किया।

कार्यशाला की समन्वयक बबीता सजवाण ने कहा कि शिक्षक संदर्शिका प्रारंभिक स्तर पर दक्षता आधारित गतिविधियों के संचालन और उनके आकलन को समझने में शिक्षकों के लिए उपयोगी साबित होगी। संस्थान के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. सुबोध बिष्ट ने गणित शिक्षण को रुचिकर बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कार्यशाला को इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

इस अवसर पर संस्थान के प्रवक्ता टीकाराम रावत, गोपाल राणा, शांति रतूड़ी सहित अन्य उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र नौटियाल