ग्रीष्मकालीन पर्यटन काे लेकर नैनीताल में तैयारियां तेज
नैनीताल, 22 अप्रैल (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध पर्वतीय पर्यटन नगरी नैनीताल में आगामी ग्रीष्मकालीन पर्यटन सत्र को लेकर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक आयोजित हुई। बैठक में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में निर्देश दिया गया कि टैक्सी, नाव, घोड़ा संचालकों तथा होटल कर्मियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराया जाए और बिना सत्यापन किसी को भी कार्य करने की अनुमति न दी जाए।
जिलाधिकारी ने यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए भीमताल, भवाली एवं कैंची धाम क्षेत्रों में विशेष प्रबंधन करने, शटल सेवा के किराए निर्धारित कर प्रदर्शित करने तथा प्रत्येक वाहन में डस्टबिन रखने को अनिवार्य किया। साथ ही सड़क पर वाहन खड़े करने पर सख्त चालानी कार्रवाई तथा बाहरी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने के निर्देश दिये।
बैठक में अवैध होमस्टे, ठेले एवं फड़ के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने, पंजीकृत गाइड एवं घोड़ा संचालकों को ही अनुमति देने तथा निर्धारित वेशभूषा लागू करने का निर्णय लिया गया। पार्किंग स्थलों पर पेयजल, शौचालय, प्रकाश एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा रुसी बाईपास पार्किंग में पर्याप्त व्यवस्था करने, सुरक्षा व्यवस्था के तहत क्यूआरटी टीम, चीता बाइक एवं पीए सिस्टम की तैनाती, निरंतर गश्त और कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिये गये और प्लास्टिक एवं पॉलीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने और स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ रखने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वय से कार्य करते हुए पर्यटकों को बेहतर सुविधा देने एवं नैनीताल की प्राकृतिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी